बिहार विधान परिषद के शिक्षक चुनाव में जनसुराज की धमक, बदलेगी मिथिला की राजनीति
जनसुराज समर्थित डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान परिषद चुनाव में जीत दर्ज की ...और पढ़ें

जनसुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने 4,088 मत प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की।
HighLights
जनसुराज के सुरेश राय ने दरभंगा शिक्षक सीट जीती।
कांग्रेस के मदन मोहन झा को दी करारी शिकस्त।
पारंपरिक दलों के लिए यह परिणाम चौंकाने वाला।
प्रिंस कुमार, दरभंगा। बिहार विधान परिषद के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों ने सूबे की सियासत में एक नई इबारत लिख दी है। लहेरियासराय स्थित खेल सह व्यामशाला में मंगलवार सुबह शुरू हुई मतगणना जब बुधवार तड़के समाप्त हुई, तो टेबल दर टेबल बदलते आंकड़ों ने पुराने राजनीतिक दलों के चेहरों पर हवाइयां उड़ा दीं।
प्रशांत किशोर की नई-नवेली पार्टी जनसुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने 4,088 मत प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस समर्थित भारी-भरकम उम्मीदवार डॉ. मदन मोहन झा को द्वितीय वरीयता के मतों के आधार पर 1,111 मतों से करारी शिकस्त दी।
मंगलवार की सुबह जब मतपेटियां खुलीं, तो मुकाबला बेहद त्रिकोणीय नजर आ रहा था। कुल 7,495 वैध मतों की गिनती के दौरान पहले दौर से ही जनसुराज और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। काउंटिंग हाल के बाहर समर्थकों का हुजूम देर रात तक जमा था।
हर चक्र की गिनती के बाद जैसे ही आंकड़े बाहर आते, समर्थकों के नारे हवा में गूंजने लगते। हालांकि, अंतिम निर्णय प्रथम वरीयता के मतों से नहीं हो सका।
मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंचा और चुनाव परिणाम द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती के आधार पर तय हुआ। प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने बुधवार सुबह डॉ. सुरेश प्रसाद राय को जब जीत का आधिकारिक प्रमाणपत्र सौंपा, तो जनसुराज के खेमे में जश्न का माहौल बन गया।
दिग्गज धराशायी, एनडीए चौथे पायदान पर खिसका
इस चुनाव ने कई राजनीतिक दिग्गजों के पारंपरिक किलों को ढहा दिया है। पिछले चुनाव में डॉ. सुरेश प्रसाद राय को कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा के हाथों महज 689 मतों से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार डॉ. राय ने न सिर्फ उस हार का हिसाब चुकता किया, बल्कि कांग्रेस के इस गढ़ में सेंध लगा दी।
मदन मोहन झा को इस बार केवल 2,977 मतों से संतोष करना पड़ा। वहीं वामपंथी विचारधारा के गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में माकपा समर्थित रामदेव राय इस बार भी कोई चमत्कार नहीं कर सके और 1,697 वोट पाकर तीसरे स्थान पर ही टिके रहे। सबसे चौंकाने वाले नतीजे एनडीए और राजद के रहे।
एनडीए समर्थित जदयू प्रत्याशी डॉ. घनश्याम राय, जिनके पक्ष में सरकार के मंत्रियों और दिग्गज नेताओं ने जबरदस्त कैंपेनिंग की थी, वे महज 862 मत पाकर चौथे स्थान पर सिमट गए।
वहीं, मुख्यधारा की बड़ी पार्टी राजद के प्रत्याशी कुमर राउत को केवल 128 मत मिले, जो यह बताने के लिए काफी है कि शिक्षकों ने पारंपरिक दलीय राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है। निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले अन्य आठ प्रत्याशियों की जमानतें जब्त हो गईं।
क्या हैं इस चुनावी जीत के सियासी मायने?
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के बुद्धिजीवी मतदाताओं का यह फैसला साफ संकेत देता है कि बिहार के भीतर पारंपरिक जातिगत और दलीय राजनीति के इतर एक साइलेंट वेब चल रही है।
जनसुराज ने जिस तरह से जमीनी स्तर पर शिक्षकों के मुद्दों को उठाया और स्थानीय स्तर पर अपना संगठन मजबूत किया, यह उसी का नतीजा है।
एनडीए और (कांग्रेस-राजद) दोनों के लिए यह परिणाम आत्ममंथन करने वाला है, क्योंकि जिस सूबे में चुनावी जंग हमेशा दो गठबंधनों के बीच सिमटी दिखती थी, वहां अब एक तीसरे विकल्प ने बेहद आक्रामक अंदाज में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है।
दरभंगा की इस जमीन से उठी राजनीतिक हलचल की गूंज आने वाले दिनों में सूबे के गलियारों तक जरूर सुनाई देगी।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन के उम्मीदवारों के मतों का विवरण
- कुल प्रत्याशी 13
- निरस्त वोट - 258
- कुल वैध वोट - 7495
- विजेता - जनसुराज समर्थित - सुरेश प्रसाद राय
| क्रम | उम्मीदवार / पार्टी | प्राप्त वोट |
|---|---|---|
| 1 | सुरेश प्रसाद राय (विजेता) | 4,088 |
| 2 | डॉ. मदन मोहन झा (कांग्रेस समर्थित) | 2,977 |
| 3 | रामदेव राय (माकपा समर्थित) | 1,697 |
| 4 | घनश्याम राय (जदयू - एनडीए समर्थित) | 862 |
| 5 | कुमर राउत (राजद) | 128 |
| 6 | भुपनेश्वर राम (निर्दलीय) | 108 |
| 7 | अरुण कुमार झा (निर्दलीय) | 62 |
| 8 | शम्भू नाथ ठाकुर (निर्दलीय) | 51 |
| 9 | सुल्तान अहमद (निर्दलीय) | 26 |
| 10 | शिव नारायण प्रसाद (निर्दलीय) | 22 |
| 11 | शमशाद अली (निर्दलीय) | 21 |
| 12 | संतोष कुमार ईश्वर (निर्दलीय) | 19 |
| 13 | निक्की झा (निर्दलीय) | 02 |
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