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बिहार का परचम : क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी का जलवा तो शतरंज में जयेश ने दिखाया दम, अहमदाबाद में जीता स्वर्ण

Published: Sun, 01 Nov 2026 12:29 AM (IST)

दरभंगा के जयेश मिश्रा ने अहमदाबाद में वेस्टर्न एशियन अंडर-16 रैपिड शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर बिहार का नाम ...और पढ़ें

विजेता ट्राफी के साथ दरभंगा जिले के खिलाड़ी जयेश।

विजेता ट्राफी के साथ दरभंगा जिले के खिलाड़ी जयेश।

HighLights

  1. जयेश मिश्रा ने वेस्टर्न एशियन अंडर-16 रैपिड शतरंज में स्वर्ण जीता।

  2. अहमदाबाद में आयोजित प्रतियोगिता में बिहार का परचम लहराया।

  3. पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन से जयेश ने अंतरराष्ट्रीय सफलता पाई।

जागरण संवाददाता, दरभंगा । क्रिकेट के मैदान पर समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी अपने बल्ले से दुनिया में बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं, तो शतरंज की बिसात पर दरभंगा के जयेश मिश्रा ने अपनी चालों से प्रदेश का परचम लहराया है।

गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित वेस्टर्न एशियन अंडर-16 रैपिड शतरंज प्रतियोगिता में जयेश ने स्वर्ण पदक जीतकर बिहार की खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी इस उपलब्धि से एक बार फिर साबित हुआ है कि खेल के अलग-अलग मैदानों पर बिहार के युवा अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर रहे हैं।

पांच जीत और एक ड्रा से बने चैंपियन

गुजरात की राजधानी अहमदाबाद स्थित राजपथ क्लब में 24 से 30 अक्टूबर तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जयेश ने शानदार प्रदर्शन किया। सात चक्रों की स्पर्धा में उन्होंने पांच मुकाबलों में जीत दर्ज की, जबकि एक मुकाबला ड्रा रहा। इस तरह कुल साढ़े पांच अंक हासिल कर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

ब्लिट्ज में भी दिखाया दम, चौथे स्थान पर रहे

रैपिड स्पर्धा में स्वर्णिम सफलता हासिल करने के साथ ही जयेश ने ब्लिट्ज स्पर्धा में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस स्पर्धा में उन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया। उनके इस प्रदर्शन से ब्लिट्ज रेटिंग में भी 90 से अधिक अंकों की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

पिता ने सिखाईं शतरंज की बारीकियां

जयेश ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने बताया कि बचपन में उनके पिता सुशांत कुमार ने शतरंज की बारीकियां सिखाईं और खेल के प्रति रुचि विकसित की। इसके बाद किलकारी दरभंगा के प्रशिक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी साकेत कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण मिला। निरंतर अभ्यास और कठिन परिश्रम ने इस अंतरराष्ट्रीय सफलता की राह आसान की।

खेल जगत में खुशी की लहर

जयेश की इस उपलब्धि की जानकारी किलकारी के प्रशिक्षक साकेत कुमार चौधरी ने दी। उन्होंने कहा कि जयेश के निरंतर अभ्यास और मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है।

जयेश की माता मेनका कुमारी शिक्षिका हैं। उनकी इस सफलता पर किलकारी के प्रमंडलीय समन्वयक रवि भूषण मुकुल, पूजा कुमारी, शशि रंजन, आर्यन कुमार और दरभंगा जिला खेल पदाधिकारी चंदन कुमार सहित अन्य लोगों ने बधाई दी है।

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