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ऑनलाइन रजिस्ट्री से बदला जमीन खरीद-बिक्री का गणित, दरभंगा के कमतौल में आधी रह गई रफ्तार

Published: Thu, 05 Nov 2026 04:58 PM (IST)

दरभंगा में 17 अगस्त 2026 से ऑनलाइन निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन-मकान की रजिस्ट्री की रफ्तार धीमी पड़ ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. ऑनलाइन निबंधन से रजिस्ट्री की रफ्तार हुई धीमी।

  2. एमवीआर और निबंधन शुल्क बढ़ने से रजिस्ट्री महंगी।

  3. दस्तावेज लेखकों ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

संवाद सहयोगी, कमतौल (दरभंगा)। निबंधन कार्यालयों में 17 अगस्त 2026 से आनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन और मकान की रजिस्ट्री की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इसका असर दस्तावेज लेखक (कातिब) और स्टांप विक्रेताओं के रोजगार पर भी पड़ा है।

वहीं 18 जून 2026 को सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार भूमि का न्यूनतम मूल्यांकन रजिस्टर (एमवीआर) बढ़ाए जाने और निबंधन शुल्क में एक प्रतिशत की वृद्धि से जमीन की रजिस्ट्री कराना भी महंगा हो गया है।

नगर पंचायत, कमतौल क्षेत्र की भूमि का एमवीआर दोगुना, जबकि अन्य क्षेत्रों की भूमि का मूल्यांकन 60 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। सूत्रों के अनुसार, आनलाइन व्यवस्था से प्रभावित दस्तावेज लेखकों के एक समूह ने इसके विरोध में पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

इस मामले की सुनवाई पांच दिसंबर 2026 को निर्धारित है। सुनवाई के फैसले के बाद निबंधन की संख्या में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।

बताया जाता है कि आफलाइन व्यवस्था के दौरान कमतौल निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 25 से 30 दस्तावेजों का निबंधन होता था। वहीं, आनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद यह संख्या घटकर 15 से 20 रह गई है।

अवर निबंधन पदाधिकारी अंबुज कुमार कुणाल ने बताया कि निबंधन की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। राजस्व संग्रह का ब्योरा देते हुए बताया कि अगस्त 2025 में करीब एक करोड़ 38 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

वहीं, अगस्त 2026 में एमवीआर में वृद्धि के कारण यह राशि बढ़कर करीब दो करोड़ 24 लाख रुपये हो गई। हालांकि अगस्त 2026 में एक से 16 अगस्त तक आफलाइन व्यवस्था के तहत भी निबंधन हुआ था। बताया कि सितंबर 2025 में करीब एक करोड़ 23 लाख रुपये राजस्व संग्रह हुआ था, जबकि सितंबर 2026 में आनलाइन व्यवस्था के तहत यह घटकर करीब एक करोड़ सात लाख रुपये रह गया।

इसके विपरीत, अक्टूबर 2025 में करीब एक करोड़ 16 लाख रुपये के मुकाबले अक्टूबर 2026 में करीब एक करोड़ 64 लाख रुपये का राजस्व संग्रह हुआ।

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