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NH-922 पर 'मौत का सिस्टम': जांच और वसूली के नाम पर हाईवे बना अवैध पार्किंग, हादसों में बलि चढ़ रहीं जिंदगियां

Published: Wed, 14 Oct 2026 03:12 PM (IST)

पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग 922 पर मुख्य लेन में अवैध रूप से खड़े ट्रकों के कारण लगातार भीषण हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई जानें जा रही हैं।

बक्सर NH-922 पर मौत का जाल: अवैध पार्किंग से बढ़ रहे हादसे, सिस्टम की नींद कब टूटेगी (AI Generated Image)

बक्सर NH-922 पर मौत का जाल: अवैध पार्किंग से बढ़ रहे हादसे, सिस्टम की नींद कब टूटेगी (AI Generated Image)

HighLights

  1. अवैध रूप से खड़े ट्रकों से पटना-बक्सर NH-922 पर हादसे।

  2. प्रशासनिक विफलता, NHAI की लापरवाही से बढ़ रही दुर्घटनाएं।

  3. 'लूमिंग इफेक्ट' और रिएक्शन टाइम हादसों के वैज्ञानिक कारण।

शुभ नारायण पाठक, बक्सर। रात के दो बजे। जब आम आदमी सो रहा होता है, तब पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 922 पर 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़तीं गाड़ियां अचानक मौत के अदृश्य जाल में फंसने लगती हैं।

आगे कोई खाई या तीखा मोड़ नहीं होता; होता है, तो बस चालू कैरिजवे यानी मुख्य लेन पर बिना किसी टेल-लाइट, हैजार्ड इंडिकेटर या चेतावनी त्रिकोण के खड़ा 40 से 80 टन का स्थिर लावारिस ट्रक।

एक भयानक टक्कर होती है और लोहे की चादरों के बीच इंसानी जिंदगी मांस के लोथड़े और टूटी हड्डियों का अवशेष बन जाती है।

यहां एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था नियंत्रण के नाम पर तेज रफ्तार हाईवे को अवैध पार्किंग यार्ड में तब्दील कर दिया गया है। जहां होने वाले हर हादसे के वैज्ञानिक तथ्यों को दबाकर मृत ड्राइवरों के सिर पर ही लापरवाही का ठीकरा फोड़ दिया जाता है।

जांच और वसूली के नाम पर ट्रकों को मुख्य लेन पर घंटों रोके रखने की यह समस्या बीते तीन साल से जारी है, लेकिन अलग पार्किंग या जांच बे बनाने की सुध आज तक नहीं ली गई।

प्रशासनिक विफलता और धारा 198ए के तहत जवाबदेही

अधिकांश हादसे 100 किमी/घंटा गति वाली 'फास्ट लेन' में होते हैं, जहां अवैध रूप से खड़े ट्रकों से टक्कर के बाद पुलिस मूल कारण छिपा देती है।

मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 198ए के अनुसार सड़क से अवरोध न हटाने पर जिम्मेदार एजेंसी/प्राधिकरण पर एक लाख रुपये जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई का प्रविधान है।

यदि प्राथमिकी में जांच चौकियों व पेट्रोलिंग टीम की विफलता दर्ज हो तो एनएचएआई व मेंटेनेंस एजेंसी सीधे दायरे में आएंगी, पर हकीकत में प्रशासन खुद ट्रकों को मुख्य कैरिजवे पर रात भर खड़े रहने को बाध्य करता है।

हादसों के पीछे का विज्ञान : लूमिंग इफेक्ट और रिएक्शन टाइम

पुलिस हर टक्कर को ड्राइवर की नींद या तेज गति मानती है, जबकि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण अलग हैं। हाईवे हिप्नोसिस में एकरसता के कारण आंखें खुली रहने पर भी चालक 'ऑटो ट्रांस' में चला जाता है।

वहीं, 'लूमिंग इफेक्ट' के कारण 100 किमी/घंटा की रफ्तार पर चालक को स्थिर ट्रक के खड़े होने का अहसास अंतिम 50-60 मीटर तक नहीं हो पाता।

आईआरसी के सिद्धांत के अनुसार, इस गति पर 2.5 सेकंड के रिएक्शन टाइम में वाहन 70 मीटर आगे बढ़ जाता है और ब्रेक लगाने के बाद रुकने में 70 मीटर और लगते हैं; यानी सुरक्षित ठहराव के लिए न्यूनतम 140 मीटर से अधिक दूरी अनिवार्य है।

मुख्य कैरिजवे पर वाहन रोकना गैरकानूनी

मुख्य लेन में वाहनों को रोकना और जांच करना कानूनन अपराध है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 122 (अवरोध पैदा करना), धारा 127 (क्रेन से हटाने का दायित्व) और धारा 201 (प्रति घंटा जुर्माना) के साथ-साथ बीएनएस की धारा 125 व 285 के तहत सार्वजनिक मार्ग पर बाधा डालना दंडनीय है।

केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार जांच केवल अलग सर्विस लेन या इंस्पेक्शन-बे में ही हो सकती है, फिर भी सीमा पर मुख्य लेन में बैरिकेड लगाकर जांच और जांच के नाम पर वसूली जारी है।

आईआरसी मानक और कैरिजवे ट्रांजिशन डिफेक्ट

आईआरसी मानकों के तहत किसी भी अवरोध से 1 किमी, 500 मीटर और 150 मीटर पहले त्रिस्तरीय चेतावनी साइनेज (त्रिकोणीय बोर्ड), गति-सीमा बोर्ड (गोलाकार), रंबल स्ट्रिप्स और रिफ्लेक्टिव कोन अनिवार्य हैं।

इसके अलावा, बक्सर में 4-लेन राजमार्ग का अचानक संकरे 2-लेन गंगा पुल पर मिलना 'कैरिजवे ट्रांजिशन डिफेक्ट' पैदा करता है। पुल के दोनों छोर पर एनएचएआई द्वारा अलग ले-बाय या 'ट्रक होल्डिंग एरिया' न बनाना गंभीर विफलता है, जिसकी कीमत आम लोग जान देकर चुका रहे हैं।

कदम-कदम पर मौत की गवाही

केस स्टडी 1: 12 अक्टूबर 2026

प्रताप सागर गांव के पास, नया भोजपुर थाना क्षेत्र में सुबह 5 बजे मुख्य लेन में खड़े ट्रेलर में पीछे से बालू लदा ट्रेलर घुस गया।

हादसे में महाराजगंज (उत्तर प्रदेश) निवासी चालक रामानंद यादव (25) और खलासी इंद्रजीत यादव (22) की मौत हो गई। केबिन काटकर जेसीबी की मदद से दोनों शव निकाले गए।

केस स्टडी 2: 8 जुलाई 2026

बक्सर औद्योगिक थाना क्षेत्र में एनएच-922 की दक्षिणी लेन पर कतकौली गेट से थोड़ा आगे सुबह 3:30 से 4 बजे के बीच सड़क पर खड़े ट्रेलर में पीछे से दूसरे ट्रेलर ने टक्कर मार दी।

हादसे में चालक भरत यादव (48) की मौत हो गई। केबिन में फंसे शव को निकालने के लिए दोनों वाहनों को अलग करने में कई घंटे लगे।

केस स्टडी 3: 1 फरवरी 2026

नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चंदा गांव में सुबह 6 बजे सड़क पर खड़े ट्रकों के कारण कैरिजवे संकरा हो गया था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे वाहन की एक कार से भीषण टक्कर हो गई।

हादसे में एसएसबी के एक जवान और दो महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई।

केस स्टडी 4: 18 नवंबर 2025

बक्सर औद्योगिक थाना क्षेत्र में कतकौली लड़ाई मैदान के गेट के पास सुबह करीब 3:30 बजे पटना की ओर से आ रहे ट्रक ने आगे चल रहे बालू लदे ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी।

चालक की मौत हो गई, जबकि खलासी गंभीर रूप से घायल हो गया। ट्रक का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

केस स्टडी 5: 18 नवंबर 2025

नया भोजपुर और डुमरांव क्षेत्र में एनएच-922 पर प्रातःकाल सड़क पर खड़े बालू लदे ट्रक में पीछे से तेज रफ्तार ट्रक घुस गया।

मध्य प्रदेश निवासी चालक जगदीश भेल की मौत हो गई, जबकि खलासी गंभीर रूप से घायल हो गया। केबिन में फंसे लोगों को निकालने के लिए कटर का इस्तेमाल करना पड़ा।

केस स्टडी 6: 12 अक्टूबर 2025

नया भोजपुर थाना क्षेत्र में पुराना भोजपुर अंडरपास से करीब 200 मीटर पश्चिम फौजी होटल के पास डुमरांव जा रहे दो युवकों की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर खड़ी ट्रॉली से टकरा गई।

दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया। एक की पहचान सैफ अली के रूप में हुई। घटना का सटीक समय उपलब्ध नहीं है।

केस स्टडी 7: 6 अक्टूबर 2025

नया भोजपुर थाना क्षेत्र में प्रतापसागर के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दवा व्यवसायी बिट्टू शर्मा को टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

राहगीरों ने उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने दुर्घटना के बाद कार जब्त कर ली। घटना का सटीक समय उपलब्ध नहीं है।

केस स्टडी 8: 29 सितंबर 2025

बक्सर औद्योगिक थाना क्षेत्र में एनएच-922 पर पड़री मोड़ के समीप दलसागर गांव के कब्रिस्तान के सामने दोपहर करीब 3 बजे पीछे से आ रहे अज्ञात भारी वाहन ने बाइक सवार सुधांशु पांडेय को टक्कर मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान नहीं हो सकी।

केस स्टडी 9: 21 सितंबर 2025

नया भोजपुर थाना क्षेत्र में प्रतापसागर और चंदा गांव के बीच पेट्रोल पंप के पास एनएच-922 पर तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर खड़े ट्रक में पीछे से बालू लदे ट्रेलर ने टक्कर मार दी।

बलिया (उत्तर प्रदेश) निवासी चालक शिवम कुमार (22) की मौत हो गई, जबकि सहचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उपलब्ध विवरणों में समय को लेकर विरोधाभास है—एक में अहले सुबह और दूसरे में अपराह्न 3:30 बजे बताया गया है।

केस स्टडी 10: 12 जुलाई 2025

बक्सर औद्योगिक थाना क्षेत्र में अहिरौली मोड़ के पास बालू लदे ट्रक ने सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में पीछे से टक्कर मार दी। ट्रक चालक धर्मेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने उन्हें केबिन से निकालकर सदर अस्पताल पहुंचाया। खबर के अनुसार, ट्रेलर चालक वाहन लेकर मौके से चला गया। घटना का सटीक समय उपलब्ध नहीं है।

केस स्टडी 11: 16 जून 2025

नया भोजपुर थाना क्षेत्र में भोजपुर कोठी के पास एनएच-922 की दक्षिणी लेन पर सुबह करीब 4:30 बजे बालू लदे ट्रक का टायर फटने के बाद वह अनियंत्रित होकर सड़क पर खड़े ट्रेलर से टकरा गया।

दोनों वाहनों में आग लग गई। महाराजगंज निवासी चालक देवेंद्र कुमार की केबिन में फंसकर जलने से मौत हो गई और दोनों वाहन जलकर राख हो गए।

केस स्टडी 12: 6 अप्रैल 2025

बक्सर औद्योगिक थाना क्षेत्र में दलसागर टोल प्लाजा के पास पड़री मोड़ पर रात करीब 2:30 बजे सड़क किनारे अथवा लेन में खड़े ट्रेलर में पीछे से ब्रेजा कार घुस गई।

बिक्रमगंज निवासी प्रमोद सिंह, पप्पू सिंह और रितेश सिंह की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी अपनी मां का दाह संस्कार करने जा रहे थे।

फोरलेन बनने के बाद बढ़े हादसे 

वर्ष मौत घायल
2021 101 101
2022 107 83
2023 147 106
2024 120 102
2025 155 79
2026 112 65

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