बक्सर के किसानों के लिए खुशखबरी: चौसा पंप नहर प्रणाली का होगा कायाकल्प, गांवों की नहरों का खुलेगा रास्ता
चौसा पंप नहर प्रणाली से जुड़ी विभिन्न वितरणियों और माइनरों के जीर्णोद्धार का कार्य 8.34 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हो गया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
चौसा नहर प्रणाली के जीर्णोद्धार पर 8.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
नहरों, पुलिया और आवासीय कॉलोनी की चारदीवारी की मरम्मत होगी।
परियोजना 15 मार्च 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित।
जागरण संवाददाता, बक्सर। चौसा पंप नहर प्रणाली से जुड़ी विभिन्न वितरणियों, उपवितरणियों, माइनरों और अन्य जल निकासी संरचनाओं के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जल संसाधन विभाग के गंगा पंप नहर प्रमंडल, चौसा की ओर से इसके लिए आठ करोड़ 34 लाख 35 हजार रुपये की अल्पकालीन निविदा प्रक्रिया शुरू की है।
योजना के तहत नहरों की मरम्मत के साथ क्षतिग्रस्त पुलिया और कलवर्ट का जीर्णोद्धार तथा गंगा पंप नहर प्रमंडल की आवासीय कॉलोनी की क्षतिग्रस्त चारदीवारी की मरम्मत भी कराई जाएगी। कार्य पूरा करने की समयसीमा 15 मार्च 2027 निर्धारित की गई है।
विभाग की ओर से बीते 21 अक्टूबर को जारी निविदा के अनुसार, इस योजना में सिसराढ़ उपवितरणी, हकीमपुर वितरणी, लक्ष्मीपुर माइनर, करहंसी माइनर, जरीगांवा माइनर और नरबतपुर माइनर का जीर्णोद्धार शामिल है।
इसके अलावा चौसा शाखा नहर के आउटलेट, इनलेट और विभिन्न स्थानों पर स्थित पुलिया व कलवर्ट का भी नवीनीकरण किया जाएगा।
रामपुर वितरणी, खीरी वितरणी, अटेरना वितरणी और कचहरी माइनर से संबंधित कार्य भी प्रस्तावित हैं। कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन पर भी जोर दिया गया है।
निर्धारित दर से 10 प्रतिशत से अधिक कम दर देने पर संबंधित निविदा को अमान्य करने का प्रावधान रखा गया है। योजना के क्रियान्वयन से चौसा पंप नहर प्रणाली से जुड़ी वितरणियों और माइनरों की संरचनात्मक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।