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बक्सर में नगर परिषद के नाम पर अवैध खनन का पर्दाफाश, JCB-2 ट्रक जब्त; 12 लाख से अधिक का जुर्माना

Published: Thu, 21 May 2026 03:29 PM (IST)

बक्सर के सोहनीपट्टी में सिंगरई पोखरा से नगर परिषद की बंद योजना के नाम पर हो रहे अवैध मिट्टी खनन का खुलासा हुआ है।

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जागरण संवाददाता, बक्सर। स्थानीय नगर थाना क्षेत्र के सोहनीपट्टी में नहर के किनारे स्थित सिंगरई पोखरा (तालाब) से मिट्टी निकालने का पूरा मामला अब पूरी तरह से अवैध खनन का निकला है।

इस मामले में नया मोड़ तब आया जब नगर परिषद के कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया कि जिस योजना का हवाला देकर यह खनन किया जा रहा था, वह कई महीने पहले ही बंद हो चुकी है।

बावजूद इसके, खनन माफिया उसी बंद योजना के नाम पर स्थानीय लोगों और प्रशासन को गुमराह कर तालाब से दिनदहाड़े मिट्टी निकाल रहे थे। आम लोगों और प्रशासन की आंखों में धूल झोंकते हुए नगर परिषद का नाम लेकर यह पूरा खेल चल रहा था।

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब पूर्व वार्ड पार्षद और भाजपा नेता राकेश सिंह ने बीते सात मई को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अविनाश कुमार से लिखित शिकायत की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि बिना किसी योजना का बोर्ड लगाए तालाब से लगातार मिट्टी काटी जा रही है।

शिकायत के बाद कुछ दिनों के लिए खनन बंद हुआ, लेकिन खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने फिर से रात के अंधेरे में मिट्टी काटने का काम शुरू कर दिया।

जब बुधवार की अलसुबह पक्की सूचना के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर जांच शुरू की, तो वहां मौजूद लोगों ने फिर से नगर परिषद का नाम लेकर पुलिस को बरगलाने की कोशिश की।

मौके पर कोई कार्य आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी और दो ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया, साथ ही पांच लोगों को हिरासत में ले लिया।

पकड़े गए लोगों को पुलिस ने बांड पर छोड़ा

वाहन और लोग पकड़े जाने के बाद भी खनन माफिया पूरे दिन पुलिस को नगर परिषद की योजना के नाम पर गुमराह करने का प्रयास करते रहे। यहां तक कि नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी ऋत्विक कुमार को भी इस बारे में गुमराह किया गया।

हालांकि, पुलिस पूरे समय कार्य आदेश (वर्क आर्डर) की प्रति प्रस्तुत करने पर अड़ी रही। जब कोई साक्ष्य नहीं मिला और मामला पूरी तरह अवैध खनन का स्पष्ट हो गया, तो नगर परिषद ने इस मामले से अपने हाथ खींच लिए।

इधर, कोई लिखित प्राथमिकी नहीं होने के कारण पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी पांच लोगों को बीते बुधवार की शाम थाने से बांड भरवाकर रिहा कर दिया है। लेकिन अब इस पूरे मामले की कमान खनन विभाग ने संभाल ली है और आगे की कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

तालाब से निकाली गयी मिट्टी का हो रहा आकलन

जिला खनन अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जब्त किए गए दोनों ट्रैक्टरों पर एक-एक लाख रुपए और जेसीबी पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही अवैध खनन में संलिप्त मुख्य लोगों पर भी नियमानुसार केस दर्ज होगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तालाब से अब तक कुल कितनी मिट्टी काटी गई है, इसका अलग से वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है और उस मात्रा के आधार पर अलग से भारी जुर्माना तय करते हुए प्राथमिकी की जाएगी।

शिकायतकर्ता का आरोप, बाजार में बेची जा रही थी मिट्टी

शिकायतकर्ता राकेश सिंह ने आरोप लगाया कि तालाब से निकाली गई कई हजार घनफीट मिट्टी को अवैध तरीके से बाजार में बेचा जा रहा था, जिसकी पुष्टि आसपास के सीसी कैमरों की जांच से आसानी से की जा सकती है।

फिलहाल पुलिस और खनन विभाग मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटे हैं। इधर जिला मुख्यालय में घनी आबादी के बीचोबीच अवैध खनन की इस घटना ने आम आदमी को चौंका दिया है, साथ ही प्रशासन के भी कान खड़े कर दिए हैं।

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