भोजपुर के बनास नदी में डूब रहे थे 6 बच्चे: युवक ने जान पर खेलकर 4 को बचाया, 2 अब भी लापता
भोजपुर के गड़हनी में बनास नदी में नहाते समय छह बच्चे डूब गए, जिसमें से चार को स्थानीय युवक ने बचाया जबकि दो बच्चे लापता हो गए।

गड़हनी में हादसे के बाद सड़क जाम कर हंगामा करते लोग। (सौ.- वीडियो ग्रैब)
HighLights
बनास नदी में नहाते समय छह बच्चे डूबे
स्थानीय युवक ने चार बच्चों को सुरक्षित बचाया
एसडीआरएफ देरी से ग्रामीण आक्रोशित, हाईवे जाम
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र के धमनियां शांतिनगर के सामने शनिवार को बनास नदी में नहाने के दौरान छह बच्चे पानी के तेज बहाव में डूबने लगे।
इनमें चार बच्चों को स्थानीय युवक गोलू ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो बच्चे लापता हो गए।
लापता बच्चों में शांतिनगर निवासी चंदन केसरी के सात वर्षीय पुत्र हिमांशु कुमार और रविंद्र केसरी उर्फ मैनी के दस वर्षीय पुत्र मोनू कुमार शामिल हैं। घटना के बाद दोनों बच्चों की तलाश में ग्रामीण जुट गए।
वहीं, एसडीआरएफ की टीम के पहुंचने में करीब तीन घंटे की देरी होने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने गड़हनी सब्जी बाजार के समीप आरा-सासाराम स्टेट हाइवे जाम कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
बताया जाता है कि शनिवार की अपराह्न करीब तीन बजे छह बच्चे बनास नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान सभी नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगे।
गोलू ने लगा दी छलांग
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर शांतिनगर निवासी गोलू नामक एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी। उसने साहस का परिचय देते हुए चार बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बचाए गए बच्चों में गोलू, प्रशांत, संतोषी कुमारी और प्रिया कुमारी शामिल हैं। हालांकि, हिमांशु और मोनू तेज धारा में बहकर लापता हो गए।
गड़हनी थानाध्यक्ष कमलजीत ने बताया कि जेनरेटर के माध्यम से रोशनी की व्यवस्था कर नदी में दोनों लापता बच्चों की तलाश की जा रही है। एसडीआरएफ की टीम के विलंब से पहुंचने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश था। समाचार लिखे जाने तक शव नहीं मिला था।