युद्ध संवाददाता की नौकरी छूटी तो जेपी ने दिखाई राह, भोजपुर के आरके सिन्हा ने खड़ी कर दी 15 हजार करोड़ की कंपनी
भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद और एसआईएस (SIS) के संस्थापक रविंद्र किशोर सिन्हा का दिल्ली में निधन हो गया। भोजपुर ...और पढ़ें

आरके सिन्हा का दिल्ली में हुआ निधन। फाइल
HighLights
रविंद्र किशोर सिन्हा, एसआईएस के संस्थापक, दिल्ली में निधन।
पूर्व राज्यसभा सांसद, भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से एक।
15 हजार करोड़ की कंपनी खड़ी कर लाखों को रोजगार।
कंचन किशोर, आरा। भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद और देश की सबसे बड़ी निजी सुरक्षा कंपनी एसआईएस (SIS) के फाउंडर रविंद्र किशोर सिन्हा का शुक्रवार को दिल्ली में निधन हो गया।
वे रूप से भोजपुर के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत बहियारा के निवासी थे। गांव से निकलकर पत्रकारिता और राजनीति में खुद को स्थापित करते हुए निजी सुरक्षा कंपनी एसआईएस की नींव रखी।
संघर्ष और दूरदर्शिता के बल पर उन्होंने ऐसा मुकाम हासिल किया कि आज उनकी कंपनी का सालाना कारोबार 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है।
तीन लाख से ज्यादा को दिया रोजगार
शेयर बाजार में कंपनी का मार्केट कैप पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। कई देशों में संचालित उनकी कंपनी से तीन लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
22 सितंबर 1951 को जन्मे आरके सिन्हा का बचपन पटना में बीता। पिता की नौकरी विधानसभा में होने के कारण बचपन से ही वे पटना में रहे।
आरके सिन्हा के करीबी रहे तपेश्वर इंदू महिला कालेज में कार्यरत सुरेन्द्र श्रीवास्तव बताते हैं कि पटना में अनुग्रह नारायण कालेज (AN College) से राजनीति शास्त्र में स्नातक उत्तीर्ण हुए।
जेपी से प्रेरित होकर रखी एसआईएस की नींव
इसके बाद कानून की पढ़ाई की और पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता शुरू कर दी। दैनिक अखबार में युद्ध संवाददाता के रूप में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की रिपोर्टिंग की।
युद्ध के बाद किसी कारण से उनकी नौकरी छूट गई। गांव में उनके नजदीकी रहे राममूर्ति प्रसाद बताते हैं कि नौकरी छूटने के बाद उन्होंने नई राह तलाशनी शुरू की।
इसी दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण के संपर्क में आए। जेपी ने ही उन्हें पूर्व सैनिकों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
उस समय बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों के सामने रोजगार का संकट था। सिन्हा ने उद्योगों और पूर्व सैनिकों के बीच सेतु बनने की पहल करते हुए सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) की स्थापना की।
वर्ष 1985 में कंपनी को प्राइवेट लिमिटेड का स्वरूप दिया गया। आज कंपनी का कारोबार देश के साथ आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैला है। पैतृक गांव बहियारा में उन्होंने आवासीय परिसर में बच्चों की शिक्षा के लिए एक स्कूल बनवाया।
भाजपा के संस्थापक सदस्य रहे
कारोबार के साथ-साथ आरके सिन्हा राजनीति में भी सक्रिय रहे। भाजपा के संस्थापक सदस्यों में उनकी गिनती होती थी। वर्ष 2014 से 2020 तक वह भाजपा की ओर से राज्यसभा सांसद भी रहे।
उनके पुत्र ऋतुराज सिन्हा भी भाजपा के नेता हैं और पार्टी की राष्ट्रीय टीम में प्रकोष्ठ संकुल सह संयोजक के पद पर हैं।
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