Railway Minister Ashwini Vaishnaw की पहल का आरा में असर: कवच 4.0 और AI सिस्टम से बढ़ेगी रेल सुरक्षा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 'कवच' प्रणाली की समीक्षा की, जिसके तहत आरा जंक्शन समेत पूर्व मध्य रेलवे में सुरक्षा ...और पढ़ें

कवच 4.0 के तेजी से विस्तार पर जोर दिया
HighLights
रेल मंत्री ने कवच 4.0 विस्तार की प्रगति की समीक्षा की।
AI आधारित 'सुरक्षा' प्लेटफॉर्म से ट्रेनों की रियल-टाइम निगरानी।
आरा जंक्शन पर कवच 4.0 से रेल सुरक्षा में वृद्धि होगी।
जागरण संवाददाता, आरा(भोजपुर)। आरा जंक्शन समेत पूर्व मध्य रेलवे में सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘कवच’ प्रणाली की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान कवच 4.0 के तेजी से विस्तार पर जोर दिया गया। नई तकनीकों के इस्तेमाल से रेलवे सुरक्षा को अपग्रेड किया जा रहा है।
इसका सीधा असर व्यस्त स्टेशनों पर देखने को मिलेगा। आरा जंक्शन भी इससे खास तौर पर लाभान्वित होगा।
क्या है कवच 4.0 और कैसे करेगा सुरक्षा मजबूत
कवच एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। यह ट्रेन टक्कर रोकने और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
इसके नए संस्करण कवच 4.0 में यूनिवर्सल ब्रेकिंग सिस्टम जोड़ा गया है। इससे अलग-अलग इंजनों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा।
टेस्टिंग प्रक्रिया आसान होगी और संचालन ज्यादा सुरक्षित बनेगा। नई तकनीक से ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।
AI आधारित ‘सुरक्षा’ प्लेटफॉर्म से होगी निगरानी
रेलवे अब एआई आधारित ‘सुरक्षा’ प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रहा है। यह सिस्टम रियल-टाइम में ट्रेनों की गतिविधियों पर नजर रखेगा।
किसी भी असामान्य स्थिति की तुरंत जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। इससे दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाएगी।
व्यस्त स्टेशनों पर इसका असर ज्यादा दिखेगा। आरा जंक्शन जैसे संवेदनशील स्टेशनों के लिए यह बड़ा बदलाव होगा।
देशभर में तेजी से हो रहा कवच का विस्तार
अब तक 3,103 किलोमीटर रेल मार्ग पर कवच लगाया जा चुका है। करीब 24,427 किलोमीटर मार्ग पर काम तेजी से जारी है।
दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर पर यह लागू हो चुका है। हाल ही में प्रयागराज-कानपुर खंड पर भी इसे शुरू किया गया है।
यह नेटवर्क आगे चलकर पूर्व मध्य रेलवे को मजबूत करेगा। इसका फायदा आरा जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों को मिलेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत, तकनीक से लैस हो रहा नेटवर्क
रेलवे तकनीकी ढांचे को भी तेजी से मजबूत कर रहा है। 8,921 किलोमीटर तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा चुका है।
1,183 टेलीकॉम टावर लगाए जा रहे हैं। 767 स्टेशनों पर डेटा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं।
4,277 इंजनों में कवच लगाया जा चुका है। जबकि 8,979 इंजनों पर अभी काम जारी है।
आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव तय
रेल मंत्रालय ने अगले दो वर्षों में 9,000 किलोमीटर विस्तार का लक्ष्य रखा है। इसके बाद हर साल 10 हजार किलोमीटर तक नेटवर्क बढ़ाने की योजना है।
तेज विस्तार का असर आरा जंक्शन पर साफ दिखेगा। यहां रोजाना बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन होता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इससे दुर्घटनाओं में बड़ी कमी आएगी। यात्रियों का भरोसा रेलवे पर और मजबूत होने की उम्मीद है।
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