आरा जंक्शन पर पटरी पार हादसों पर लगेगी लगाम, रेलवे बनाएगा सुविधाजनक रेल पुलिया
रेलवे भोजपुर जिले के आरा जंक्शन पर पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम ...और पढ़ें

आरा जंक्शन पर पटरी पार हादसों पर लगेगी लगाम
HighLights
आरा जंक्शन पर पटरी पार हादसों को रोकने का निर्णय।
रेल मंत्री के निर्देश पर बनेंगी सुविधाजनक रेल पुलियाएं।
अत्याधुनिक तकनीक से 12 घंटे में होगा पुलियाओं का निर्माण।
जागरण संवाददाता,आरा(भोजपुर)। भोजपुर जिले में रेल पटरी पार करते समय होने वाले हादसों को रोकने के लिए अब ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। Indian Railways ने ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुविधाजनक रेल पुलियाओं के निर्माण का निर्णय लिया है।
रेल मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
Ashwini Vaishnaw ने नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय वर्कशॉप में अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां लोग अधिक संख्या में ट्रैक पार करते हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर पुलिया बनाई जाए।
आरा जंक्शन को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल का सीधा फायदा आरा जंक्शन जैसे व्यस्त स्टेशनों को मिलेगा। यहां आसपास की बस्तियों, खेतों और स्कूलों के कारण लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर पटरियां पार करते हैं।
स्थानीय जरूरतों के चलते बढ़ता जोखिम
आरा जंक्शन के आसपास कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां एक ओर घनी आबादी है और दूसरी ओर जरूरी सुविधाएं। रोजमर्रा के काम के लिए लोग शॉर्टकट के तौर पर ट्रैक पार करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
अब मिलेगा सुरक्षित विकल्प
नई योजना के तहत चिन्हित स्थानों पर सुरक्षित और सुगम रेल पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे लोगों को ट्रैक पार करने का सुरक्षित विकल्प मिलेगा और हादसों में कमी आएगी।
12 घंटे में तैयार होगी पुलिया
हाजीपुर रेलवे जोन के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि इन पुलियाओं का निर्माण अत्याधुनिक तकनीक से मात्र 12 घंटे में किया जा सकेगा। इससे रेल संचालन भी ज्यादा प्रभावित नहीं होगा।
साइकिल और बाइक के लिए भी आसान
पुलियाओं का डिजाइन इस तरह तैयार किया जाएगा कि लोग आसानी से साइकिल, मोटरसाइकिल या सामान के साथ इसे पार कर सकें। इसे आम लोगों के लिए पूरी तरह उपयोगी बनाया जाएगा।
संवेदनशील स्थानों की होगी पहचान
रेलवे और स्थानीय प्रशासन मिलकर ऐसे सभी स्थानों की पहचान करेंगे, जहां सबसे ज्यादा जोखिम है। इसके आधार पर प्राथमिकता सूची बनाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
जलभराव से भी नहीं होगा असर
रेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि पुलियाओं का निर्माण इस तरह हो कि जलभराव या अन्य प्राकृतिक बाधाओं का असर उस पर न पड़े। डिजाइन को पूरी तरह सुरक्षित और टिकाऊ बनाया जाएगा।
5-6 साल में मिलेगा व्यापक समाधान
रेलवे का लक्ष्य अगले 5 से 6 वर्षों में इस समस्या से बड़े स्तर पर निजात दिलाना है। यह पहल रेलवे की जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
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