भोजपुर के छोटे से गांव की बेटी बनी एयरफोर्स ऑफिसर, CDS में देशभर में चौथा स्थान; अंबाला में हुई पोस्टिंग
भोजपुर की मनीषा सिंह ने सीडीएस परीक्षा में चौथी और एएफसीएटी में 18वीं रैंक हासिल कर भारतीय वायुसेना में अधिकारी ...और पढ़ें

अपने माता-पिता और भाई के साथ मनीषा। सौ-स्वजन
HighLights
मनीषा सिंह भारतीय वायुसेना में अधिकारी पद पर चयनित।
सीडीएस परीक्षा में पूरे देश में चौथी रैंक हासिल की।
एएफसीएटी में 18वीं रैंक प्राप्त कर प्रतिभा का लोहा मनवाया।
राकेश कुमार तिवारी, बड़हरा (आरा)। बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर वे सफलता की नई इबारत लिख रही हैं।
भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत नथमलपुर गांव की बेटी मनीषा सिंह का चयन भारतीय वायुसेना में अधिकारी के पद पर हुआ है।
उन्होंने कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा में पूरे देश में चौथी रैंक हासिल की, जबकि एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट में 18वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
पिता भारतीय सेना में थे हवलदार
वर्तमान में उनकी पोस्टिंग अंबाला में है। मनीषा के पिता अरविंद सिंह भारतीय सेना से हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता उमा सिंह गृहिणी हैं।
सेना के अनुशासित माहौल में पली-बढ़ी मनीषा बचपन से ही अपने पिता की वर्दी देखकर काफी प्रेरित होती थीं। पिता को देश की सेवा करते देख उनके मन में भी सेना में अधिकारी बनकर देश की रक्षा करने का सपना पलने लगा था।
इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया और पहले ही प्रयास में बड़ी सफलता हासिल की। मनीषा के माता ने बताया कि मनीषा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई आर्मी स्कूल दानापुर से पूरी की।
इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ ही उन्होंने रक्षा सेवाओं में अधिकारी बनने की तैयारी शुरू कर दी थी।
प्रतिदिन करती थी 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई
इसके लिए प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई और एसएसबी की तैयारी में समय देती थीं। उनकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम रहा कि उन्होंने सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की।
वहीं वायुसेना अधिकारी बनने के लिए आयोजित एएफसीएटी में 18वीं रैंक प्राप्त की। मनीषा का चयन पहले ही प्रयास में हुआ। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव और पूरे बड़हरा प्रखंड में खुशी हुआ।
मनीषा के चाचा बलू सिंह उर्फ दिनेश सिंह ने बताया कि मनीषा की पढ़ाई शहर में हुई, लेकिन गांव से उनका हमेशा गहरा लगाव रहा है।
उनकी छोटी बहन और छोटा भाई भी रक्षा सेवाओं में जाने की तैयारी कर रहे हैं। मनीषा की उपलब्धि ने क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है।
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