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आरा कस्टम अफसर हत्याकांड: सिक्किम से बंगाल तक पुलिस को छकाया, दमदम एयरपोर्ट से दबोचा गया मुख्य हत्यारा

Published: Wed, 21 Oct 2026 09:21 PM (IST)

भोजपुर पुलिस ने सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपित चंदन सिंह और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है।

आरा कस्टम अफसर हत्याकांड: सिक्किम से बंगाल तक पुलिस को छकाया, दमदम एयरपोर्ट से दबोचा गया मुख्य हत्यारा

आरा कस्टम अफसर हत्याकांड: सिक्किम से बंगाल तक पुलिस को छकाया, दमदम एयरपोर्ट से दबोचा गया मुख्य हत्यारा

HighLights

  1. मुख्य आरोपित चंदन सिंह और दो साथी गिरफ्तार किए गए।

  2. पश्चिम बंगाल के दमदम एयरपोर्ट से मुख्य आरोपित पकड़ा गया।

  3. सेवानिवृत्त अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या जमीन विवाद में हुई।

जागरण संवाददाता, आरा। नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी मोहल्ले में सेवानिवृत्त कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या के मामले में भोजपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की विशेष टीम ने सोमवार को कांड के मुख्य आरोपित चंदन सिंह और उसके साथी अभिषेक यादव को पश्चिम बंगाल के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया।

इसके अलावा तीसरे आरोपित टीपू सिंह को आरा से पकड़ा गया है। एसपी अवधेश दीक्षित ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों से गहन पूछताछ के आधार पर आगे की छापामारी की जा रही है।

गिरफ्तार मुख्य आरोपित चंदन सिंह टाउन थाना क्षेत्र के बड़की सिंगही गांव का निवासी है, जबकि उसका साथी अभिषेक यादव टाउन थाना क्षेत्र के बिंद टोली और टीपू सिंह नवादा थाना क्षेत्र के चंदवा हाउसिंग कालोनी का रहने वाला है।

चंदन सिंह का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, फायरिंग समेत तीन-चार अन्य मामले दर्ज हैं। पूछताछ में हत्याकांड और इसमें शामिल तीन शूटरों के संबंध में अहम जानकारी मिली है। शुरुआती पूछताछ में शूटरों को सुपारी देकर बुलाए जाने की बात सामने आई है।

पकड़ा गया टीपू पेशे से सरकारी अमीन बताया जा रहा है। उसे केस में अप्राथमिकी आरोपित बनाया जाएगा। इससे पहले इस मामले में आरोपित मनोज सिंह उर्फ लक्की को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने गिरफ्तार चंदन सिंह के घर पर भी छापामारी की, जहां से एक पिस्टल बरामद हुई है।

हालांकि, इस पिस्टल का इस्तेमाल हत्याकांड में हुआ था या नहीं, इसका उद्भेदन जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस के अनुसार सिंगही स्थित जमीन पर दखल-कब्जे के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया था।

एसपी के अनुसार रामकुमार सिंह की हत्या 15 अक्टूबर की सुबह आरा के कनकपुरी मोहल्ले में कर दी गई थी। घटना के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (एसआइटी) गठित कर लगातार छापामारी की जा रही है।

सिलीगुड़ी और गंगटोक में दबिश के बाद हवाई जहाज से भाग निकले बंगाल

दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को पश्चिम बंगाल से लेकर सिक्किम तक अभियान चलाना पड़ा। इस कार्रवाई में पटना एसटीएफ की भी मदद ली गई।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपित पहले सिलीगुड़ी और गंगटोक के होटल में नाम बदलकर छिपे हुए थे। वहां पुलिस की दबिश बढ़ने के बाद वे हवाई जहाज से पश्चिम बंगाल भाग निकले।

इसके बाद पुलिस ने दमदम एयरपोर्ट पर उनकी गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया। गिरफ्तारी के समय भी दोनों अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

12 हजार रुपये में खरीदे गए नए मोबाइल और सिम, नकदी निकासी की भी जांच

अनुसंधान के दौरान हत्या से पहले एक मुख्य आरोपित चंदन ने अपने बैंक खाते से पांच लाख रुपये निकाले थे। पत्नी चांदनी के खाते में भी रुपये स्थानांतरित किए गए थे। पुलिस को वारदात से पहले नए मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदे जाने की भी जानकारी मिली है।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुलिस से बचने की योजना के तहत करीब 12 हजार रुपये में नया मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदे गए थे। चंदन सिंह और अभिषेक यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को साजिश से जुड़ी अन्य अहम कड़ियां मिलने की उम्मीद है।

20 दिन पहले रची गई थी हत्या की साजिश

एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि सिंगही गांव स्थित जमीन पर रामकुमार सिंह का वर्ष 2006 से ही कब्जा था। मुख्य आरोपित चंदन सिंह ने करीब 20 दिन पहले अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रची थी। वारदात से तीन-चार दिन पहले खाते से रुपये निकाले गए थे।

एक नया बैंक खाता खोले जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, साजिश के तहत शूटरों को हायर किया गया था और वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। अभिषेक यादव भी इस साजिश में शामिल था। दोनों आरोपित साथ ही फरार हुए थे।

एसपी ने बताया कि चंदन सिंह कथित तौर पर सिंडिकेट बनाकर जमीन पर दखल-कब्जा करता था। जांच में उसकी पत्नी चांदनी की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की पड़ताल कर रही है कि क्या वह भी साजिश में शामिल थी।

आरोप है कि गलत कागजात तैयार कर अन्य जमीनों पर भी दखल-कब्जा करने की कोशिश की गई और विवाद पैदा किए गए। पूर्व में गिरफ्तार नामजद आरोपित मनोज सिंह उर्फ लक्की भी उक्त जमीन के मामले में चंदन के सहयोगी के रूप में भूमिका निभा रहा था।

पुलिस अब हत्याकांड में शामिल तीनों शूटरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है।

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