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आरा डाकघर घूसकांड: रिश्वत मामले में आरोपित डाक निरीक्षक को CBI ने दबोचा, पूछताछ जारी

Published: Wed, 07 Oct 2026 12:10 PM (IST)

आरा डाकघर घूसकांड में सीबीआई ने उपमंडलीय निरीक्षक गौरव कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार ...और पढ़ें

आरा डाकघर घूसकांड में CBI की दूसरी बड़ी कार्रवाई

आरा डाकघर घूसकांड में CBI की दूसरी बड़ी कार्रवाई

HighLights

  1. सीबीआई ने आरा डाकघर घूसकांड में निरीक्षक गौरव कुमार को पकड़ा।

  2. 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में हुई गिरफ्तारी।

  3. शाखा डाकपाल का वेतन जारी करने के एवज में मांग थी।

जागरण संवाददाता,आरा(भोजपुर)। वेतन जारी करने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने के मामले में आरोपित डाक विभाग के उपमंडलीय निरीक्षक गौरव कुमार को सीबीआई ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पटना के बेऊर जेल के समीप स्थित एक आवासीय कॉलोनी का निवासी बताया जाता है।

वह आरा उत्तर उपमंडलीय निरीक्षक कार्यालय में पदस्थापित था। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम उससे पूछताछ कर आरोपों और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। हालांकि, गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

आरा डाकघर घूसकांड में CBI की दूसरी बड़ी कार्रवाई

यह मामला आरा डाक विभाग के उपमंडलीय कार्यालय से जुड़ा है। चार अक्टूबर की देर शाम सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीबी) ने यहां कार्रवाई की थी।

उदवंतनगर प्रखंड के छोटकी सासाराम डाकघर के शाखा डाकपाल संदीप कुमार का तीन महीने से लंबित वेतन जारी करने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में डाक सहायक पुरुषोत्तम कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उसे प्रधान डाकघर स्थित आवास से पकड़ा गया था।

डाक निरीक्षक के खिलाफ भी दर्ज थी नामजद प्राथमिकी

इस मामले में डाक निरीक्षक गौरव कुमार और डाक सहायक पुरुषोत्तम कुमार के खिलाफ पटना एसीबी में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

गिरफ्तार डाक सहायक पहले आरा उपमंडलीय कार्यालय में पर्यवेक्षक के पद पर तैनात था। वर्तमान में वह अरवल उपमंडलीय कार्यालय में डाक सहायक के पद पर कार्यरत था। इसके बाद से सीबीआई की जांच में डाक निरीक्षक की भूमिका भी अहम हो गई थी।

पटना में रविवार रात हुई थी छापेमारी

गौरव कुमार की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई की टीम ने रविवार रात पटना में छापेमारी की थी। टीम बेऊर जेल के समीप स्थित आवासीय कॉलोनी में पहुंची, लेकिन उस समय आरोपित हाथ नहीं लगा।

इसके बाद जांच टीम तकनीकी सूत्रों के आधार पर उसकी तलाश में जुटी रही। इसी क्रम में मंगलवार को उसे हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है।

छुट्टी का आवेदन किया, विभाग ने कर दिया अस्वीकृत

मामले में नाम सामने आने के बाद डाक निरीक्षक गौरव कुमार ने छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। डाक अधीक्षक नीरज कुमार के अनुसार, रविवार रात मिले आवेदन को सोमवार को देखने के बाद अस्वीकृत कर दिया गया।

इसके बावजूद गौरव कुमार के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की बात सामने आई। बिना स्वीकृत छुट्टी के अनुपस्थित पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की बात भी कही गई है।

मोबाइल लोकेशन और CDR भी जांच के दायरे में

सीबीआई निरीक्षक की तलाश के दौरान उसके मोबाइल नंबर के साथ संपर्क में रहने वाले स्वजनों के नंबरों की भी पड़ताल कर रही थी।

जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल लोकेशन को भी शामिल किया गया। टीम संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रख रही थी। अब गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी कथित रिश्वत प्रकरण में उसकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है।

जुलाई में योगदान के बाद शुरू हुई थी कथित मांग

मामले के शिकायतकर्ता संदीप कुमार हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले बताए जाते हैं। उन्होंने जुलाई में छोटकी सासाराम शाखा में डाकपाल के पद पर योगदान किया था।

आरोप है कि ज्वाइनिंग के समय से ही उनसे पैसे की मांग की जा रही थी। अब सीबीआई यह जांच कर रही है कि कथित लेनदेन में डाक निरीक्षक की क्या भूमिका थी और इस संबंध में किन लोगों के बीच किस स्तर पर बातचीत हुई।

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