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गंगा में नहीं गिरेगा मलबा, डॉल्फिन अभयारण्य की सुरक्षा के साथ हो रहा विक्रमशिला सेतु की मरम्मत का काम

Published: Sun, 11 Oct 2026 10:50 PM (IST)

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त स्लैब को हटाने का कार्य पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए किया जा रहा है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त स्लैब सावधानी से हटाए जा रहे।

  2. डाल्फिन अभयारण्य की सुरक्षा हेतु पर्यावरणीय मानक पालन।

  3. आईडब्ल्यूएआई और एनजीटी की निगरानी में कार्य प्रगति पर।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त स्लैब को काटकर हटाने का काम पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए किया जा रहा है।

अजगैवीनाथ धाम से कहलगांव तक करीब 60 किलोमीटर के दायरे में फैले विक्रमशिला गांगेय डाल्फिन अभयारण्य को देखते हुए राष्ट्रीय जलीय जीव डाल्फिन की सुरक्षा पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) की निगरानी में पुल के स्लैब को सावधानीपूर्वक काटा जा रहा है, ताकि सीमेंट और लोहे का मलबा गंगा में न गिरे।

एनजीटी के अधिकारियों ने लगातार सात दिनों तक स्थल निरीक्षण कर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है।

इसी क्रम में रविवार देर शाम निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें स्लैब हटाने के काम की प्रगति, कार्यप्रणाली और आ रही कठिनाइयों पर चर्चा की गई।

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