भागलपुर में मरीन ड्राइव का सर्वे पूरा! अजगैबीनाथ से सबौर तक बनेगी सड़क, डॉल्फिन अभयारण्य में NOC मिलने पर काम शुरू
Munger Bhagalpur Marine Drive: मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव परियोजना के लिए अजगैबीनाथ से सबौर तक निर्माण स्थल का विस्तृत सर्वे पूरा ...और पढ़ें

Munger Bhagalpur Marine Drive:
HighLights
मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव परियोजना का विस्तृत सर्वे संपन्न हुआ।
डॉल्फिन अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा प्लान तैयार होगा।
पर्यावरण मंत्रालय से NOC मिलने पर ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Munger Bhagalpur Marine Drive: मुंगेर-भागलपुर मरीन ड्राइव (गंगा पथ) परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। अजगैबीनाथ धाम मंदिर के पीछे स्थित सीढ़ी घाट से लेकर सबौर की फरका पंचायत तक प्रस्तावित मरीन ड्राइव के निर्माण स्थल का बुधवार को वन एवं पर्यावरण विभाग की टीम ने विस्तृत सर्वे किया।
बरारी सीढ़ी घाट पर आयोजित इस सर्वे में डीएफओ आशुतोष राज के साथ बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) के वरीय तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।
डॉल्फिन अभयारण्य क्षेत्र में सुरक्षा प्लान होगा तैयार
बीएसआरडीसीएल के अधिकारियों के अनुसार, मुंगेर से सबौर तक गंगा पथ परियोजना का निर्माण गंगा नदी के समानांतर किया जाना है। अजगैबीनाथ धाम से लेकर कहलगांव तक का विशाल जलक्षेत्र 'विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य' के रूप में अधिसूचित है। जलीय जीवों और राष्ट्रीय जलजीव डॉल्फिन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग तथा राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को किए गए स्थल सर्वे के आधार पर एक विस्तृत 'वन्यजीव सुरक्षा एवं संरक्षण प्लान' तैयार किया जा रहा है। डीएफओ इस विस्तृत प्रस्ताव को वन विभाग के प्रधान सचिव को भेजेंगे, जहां से केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को मंजूरी के लिए प्रेषित किया जाएगा। मंत्रालय से हरी झंडी और एनओसी मिलने के तुरंत बाद निर्माण कार्य की निविदा और प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
82.80 किलोमीटर लंबा होगा मुंगेर-सबौर गंगा पथ
निगम मुंगेर (सफियाबाद)-बरियारपुर-घोरघाट-अजगैबीनाथ धाम-भागलपुर होते हुए सबौर को सीधे जोड़ने वाले लगभग 82.80 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण की महात्वाकांक्षी कार्ययोजना पर काम कर रहा है। इसमें मुंगेर (सफियाबाद) से अजगैबीनाथ धाम तक का लगभग 42 किलोमीटर का हिस्सा भी शामिल है।
गंगा के समानांतर बनने वाले इस मार्ग को भौगोलिक स्थिति और जलस्तर के अनुसार समतल सड़क तथा कई स्थानों पर ऊंचे एलिवेटेड कॉरिडोर (खंभों पर टिकी एलिवेटेड सड़क) के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि बाढ़ के समय भी आवागमन निर्बाध जारी रहे।
एनएबीईटी मान्यता प्राप्त एजेंसी करेगी पर्यावरणीय अध्ययन
परियोजना के लिए अनिवार्य वैधानिक मंजूरियों को समय पर पूरा करने के लिए बीएसआरडीसीएल ने पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव (एनबीडब्ल्यूएल) क्लीयरेंस के लिए राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीईटी) से मान्यता प्राप्त अनुभवी एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
एजेंसियों को ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से अपने तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यावरणीय और वन्यजीव स्वीकृतियां पूरी होते ही भागलपुर और मुंगेर वासियों को जाममुक्त, सुगम और मनोरम यात्रा का एक नया विकल्प मिल सकेगा।
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