JLNMCH को MCI से मिली सौगात : पीजी सीटों में भारी इजाफा, इसी सत्र से शुरू होगा नामांकन; गायनी व हड्डी में भी 7-7 सीटें
Bhagalpur JLNMCH PG Seats Increased: जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, भागलपुर में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने पीजी सीटों में बढ़ोतरी ...और पढ़ें

Bhagalpur JLNMCH PG Seats Increased: भागलपुर मेडिकल कॉलेज में पीजी की सीटें 7 से बढ़कर हुईं 23
HighLights
एमसीआई ने जेएलएनएमसीएच भागलपुर में पीजी सीटें बढ़ाईं।
गायनी, आर्थो, फॉरेंसिक, इमरजेंसी मेडिसिन में सीटें बढ़ीं।
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर होगी, मरीजों को लाभ।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur JLNMCH PG Seats Increased: जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच), भागलपुर के लिए दीपावली से ठीक पहले बड़ी और उत्साहवर्धक खबर सामने आई है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने कॉलेज में विभिन्न विभागों के अंतर्गत पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की सीटों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है।
नियामक संस्था से आधिकारिक पत्र मिलने के बाद अब कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से बढ़ी हुई सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले को अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और मेडिकल कॉलेज के शैक्षणिक विकास के लिए एक बड़े मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है।
गायनी, आर्थो और फॉरेंसिक में इजाफा, इमरजेंसी मेडिसिन की 5 नई सीटें
नए सीट मैट्रिक्स के अनुसार, अस्पताल के सबसे व्यस्त रहने वाले स्त्री एवं प्रसूति रोग (गायनी) विभाग में पहले मात्र 3 सीटों पर पीजी नामांकन होता था, जिसे अब बढ़ाकर 7 सीट कर दिया गया है। इसी तरह हड्डी रोग (आर्थोपेडिक्स) विभाग में भी पीजी की सीटें 3 से बढ़कर 7 हो गई हैं।
इसके अलावा, मेडिको-लीगल मामलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में पूर्व में उपलब्ध 1 सीट की जगह अब 4 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा। साथ ही, गंभीर और आपातकालीन मरीजों के त्वरित इलाज को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए इसी सत्र से इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में 5 नई पीजी सीटों की शुरुआत की जा रही है।
विभागों को मिलेंगे रेजिडेंट डॉक्टर, मरीजों को मिलेगी राहत
मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों के बढ़ने का सीधा सकारात्मक असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिलेगा। विभागों में नए पीजी छात्रों के आने से जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी पूरी होगी। विशेष रूप से फॉरेंसिक विभाग को इसका सबसे बड़ा फायदा मिलेगा, जहां लंबे समय से डॉक्टरों की कमी के चलते पोस्टमार्टम और अन्य फॉरेंसिक जांच कार्यों में दबाव बना रहता था।
नए डॉक्टरों के आने से फॉरेंसिक साइंस से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी। वहीं, हड्डी रोग विभाग में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज ओपीडी और इमरजेंसी पहुंचते हैं; ऐसे में अतिरिक्त पीजी डॉक्टरों की तैनाती से मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और सीनियर डॉक्टरों पर से कार्य का अतिरिक्त दबाव भी घटेगा।
"एमसीआई (NMC) से पीजी सीटों में बढ़ोतरी की औपचारिक सहमति मिल चुकी है। यह कॉलेज और अस्पताल दोनों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। बढ़ी हुई सीटों पर इसी सत्र से नामांकन प्रारंभ कराया जाएगा। इमरजेंसी मेडिसिन में पीजी की पढ़ाई शुरू होने से आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी व आधुनिक तरीके से संचालित करने में काफी सुविधा होगी।"
— डॉ. संदीप लाल, प्राचार्य, जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, भागलपुर
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