विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोपालपुर के MDM BRP विकास कुमार पद से हटाए गए, सरकारी आदेश में छेड़छाड़ और फर्जी ऑडिट कराने का आरोप

Published: Sat, 07 Nov 2026 12:07 PM (IST)

गोपालपुर के प्रखंड साधन सेवी विकास कुमार को मध्याह्न भोजन योजना में कथित फर्जी ऑडिट और विभागीय पत्र में छेड़छाड़ के आरोपों के बाद पद से हटा दिया गया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. गोपालपुर बीआरपी विकास कुमार फर्जी ऑडिट आरोप में पदमुक्त।

  2. विभागीय पत्र में छेड़छाड़ कर 26 विद्यालयों का ऑडिट कराया।

  3. अतिरिक्त प्रभार जिला साधन सेवी सौरभ अनिकेत को मिला।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। विभागीय ज्ञापन में दर्ज 288 विद्यालयों के ऑडिट के आंकड़े में कथित तौर पर बदलाव कर गोपालपुर के 26 प्राथमिक विद्यालयों का दोबारा ऑडिट कराने का मामला अब कार्रवाई तक पहुंच गया है।

मध्याह्न भोजन योजना में कथित फर्जी ऑडिट और विभागीय पत्र में छेड़छाड़ के आरोपों से घिरे गोपालपुर के प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) विकास कुमार को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, पीएम पोषण योजना महेश प्रसाद ने प्रशासनिक आदेश जारी कर उन्हें तत्काल प्रभाव से जिला कार्यालय में पदस्थापित कर दिया है।

वहीं, जिला साधन सेवी सौरभ अनिकेत को अगले आदेश तक गोपालपुर बीआरपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

288 से 26 विद्यालयों तक कैसे पहुंचा ऑडिट का मामला

विभागीय स्तर पर सामने आए इस मामले में 17 जुलाई 2026 को जारी पत्रांक 464 की भूमिका सवालों के घेरे में है। आरोप है कि मूल विभागीय आदेश में दर्ज ऑडिट संबंधी विद्यालयों की संख्या में बदलाव कर गोपालपुर के 26 प्राथमिक विद्यालयों को ऑडिट के लिए शामिल कर दिया गया।

Gopalpur MDM BRP

इसके बाद 10 अगस्त को वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से मध्याह्न भोजन पंजी, अंडा पंजी और कैशबुक (2024, 2025 एवं 2026) बीआरसी में जमा करने को कहा गया। इसके लिए कथित रूप से संशोधित पत्र का इस्तेमाल किया गया।

चार विद्यालयों के अभिलेखों पर मिला ऑडिट का निशान

मामले की जांच के दौरान जिला कार्यालय में 26 सितंबर और 28 सितंबर को जारी पत्रों के माध्यम से गोपालपुर के सभी 26 विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों को अभिलेखों के साथ बुलाया गया।

पंजी के अवलोकन में प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोला पंचगछिया, लत्तीपाकर, मौधा यादव टोला और नवटोलिया के अभिलेखों पर ऑडिट किए जाने के निशान मिले।

जबकि डीपीओ के अनुसार जिला कार्यालय में अंतिम ऑडिट 27 जुलाई 2026 तक ही किया गया था। ऐसे में सवाल उठा कि 27 जुलाई के बाद विद्यालयों के अभिलेखों का ऑडिट किसके निर्देश पर और कहां किया गया।

24 घंटे में मांगा गया था स्पष्टीकरण

डीपीओ महेश प्रसाद ने 10 अक्टूबर विकास कुमार से 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा था। उनसे पूछा गया था कि विभागीय पत्र में संशोधन कर विद्यालयों से पंजी क्यों मंगाई गई और अधिकृत ऑडिट समाप्त होने के बाद किस आधार पर जांच की गई।

विभागीय पत्र में इसे वित्तीय अनियमितता की आशंका और पद के दुरुपयोग से जोड़ते हुए उनकी सेवा वापस करने तक का सवाल उठाया गया था।

शाहकुंड बीआरपी पर 1.24 लाख का था जुर्माना

डीपीओ एमडीएम द्वारा 4 नवंबर को मध्याह्न भोजन योजना में नियम विरुद्ध राशि निकासी के मामले में शाहकुंड के बीआरपी रजनीश कुमार दास पर कार्रवाई हुई है।

15 अक्टूबर 2026 को डीएम की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में राशि वसूली का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 124931 रुपये की वसूली का निर्देश दिया गया।

बीआरपी के मानदेय से हर महीने 50 प्रतिशत कटौती होगी। वसूली पूरी होने तक उन्हें जिला कार्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है।

यह भी पढ़ें- ब‍िहार क्रिकेट में भागलपुर और अररिया का जलवा, मुश्ताक अली ट्रॉफी ट्रायल में चुने गए भानु, अररिया के 4 खिलाड़ियों का चयन

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।