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वैज्ञानिक तरीके से मखाना की खेती करेंगे भागलपुर के किसान, पूर्णिया में शुरू हुई ट्रेनिंग

Published: Tue, 03 Nov 2026 08:23 PM (IST)

भागलपुर के 30 किसानों को पूर्णिया में मखाना की वैज्ञानिक खेती का चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका ...और पढ़ें

वैज्ञानिक तरीके से मखाना की खेती (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

वैज्ञानिक तरीके से मखाना की खेती (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. भागलपुर के 30 किसानों को मखाना प्रशिक्षण।

  2. वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों पर जोर।

  3. किसानों की आय बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले में मखाना की खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए आत्मा ने पहल तेज कर दी है। किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से 30 चयनित किसानों को चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), भागलपुर के तत्वावधान में भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पांच नवंबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती से लेकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और बेहतर प्रबंधन तक की जानकारी दी जाएगी। 

विभिन्न प्रखंडों से किसानों का चयन 

प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों से किसानों का चयन किया गया है। इनमें बिहपुर, रंगरा चौक, खरीक, नवगछिया, गोपालपुर, गोराडीह और सन्हौला सहित अन्य प्रखंडों के किसान शामिल हैं। किसानों के दल का नेतृत्व प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कुमार गौतम कर रहे हैं। 

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसानों को मखाना उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से दक्ष बनाना है, ताकि वे अपने खेतों में इन तकनीकों का इस्तेमाल कर बेहतर पैदावार हासिल कर सकें।

जिले के कई प्रखंडों में मखाना की खेती की अच्छी संभावनाएं हैं। जलजमाव वाले क्षेत्रों और उपयुक्त जलस्रोतों का बेहतर उपयोग कर किसान मखाना उत्पादन को आजीविका का एक मजबूत साधन बना सकते हैं। 

बाजार में मखाना की बढ़ती मांग और इसके बेहतर मूल्य को देखते हुए विभाग किसानों को इस खेती के प्रति प्रोत्साहित कर रहा है। इसके लिए उन्हें वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, उत्पादन लागत कम रखने और उपज की गुणवत्ता बनाए रखने की जानकारी दी जा रही है।

उन्नत तकनीक और बेहतर प्रबंधन पर रहेगा जोर

चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मखाना की खेती के लिए उपयुक्त परिस्थितियों, खेत एवं जलाशय के चयन, उन्नत बीज और पौध प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बुआई, पौधों की देखभाल, पोषक तत्वों के प्रबंधन और फसल की विभिन्न अवस्थाओं में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जाएगा। किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लाभों से भी अवगत कराया जाएगा।

गुणवत्तापूर्ण उत्पादन से बढ़ेगी किसानों की आय

प्रशिक्षण में फसल को कीट एवं रोगों से बचाने, जल प्रबंधन, कटाई और कटाई के बाद मखाना के प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीकों पर भी जानकारी दी जाएगी। गुणवत्तापूर्ण मखाना तैयार करने, उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करने के तरीके समझाए जाएंगे। 

आत्मा की इस पहल से जिले में मखाना की खेती का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य किसानों को भी वैज्ञानिक खेती के लिए प्रेरित कर सकेंगे। इससे न केवल मखाना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

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