विक्रमशिला सेतु पर हाई-स्पीड काम: BRO ने 24 घंटे में बिछा दिया 170 फीट स्टील का चदरा
BRO ने विक्रमशिला सेतु के ध्वस्त हिस्से पर वैकल्पिक बेली ब्रिज का निर्माण तेजी से किया है। 24 घंटे में ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु पर बिछाया गया चदरा। फोटो जागरण

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जागरण संवाददाता, भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के ध्वस्त हिस्से पर बनाए जा रहे वैकल्पिक बेली ब्रिज पर बार्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) ने 24 घंटे में 170 फीट हिस्से में स्टील डेकिंग (लोहे का चदरा) बिछाने का काम पूरा कर लिया।
बुधवार शाम से तेज गति पकड़ने के बाद बीआरओ की टीम ने गुरुवार शाम तक सेतु के इस पहले बेली ब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। इसके एप्रोच पथ को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बीआरओ की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम दिन-रात काम में जुटी है। गुरुवार पूरे दिन भारी मशीनों की सहायता से डेकिंग, पैनल फिटिंग और संरचना को मजबूती देने का कार्य चलता रहा।

बुधवार को अपर महानिदेशक, सीमा सड़क संगठन, जितेंद्र प्रसाद (विशिष्ट सेवा पदक) के निरीक्षण के बाद पहले चरण के कार्य को तेजी से पूरा करने पर फोकस किया गया है।
रविवार से दूसरे छोर पर होगा काम
अधिकारियों के अनुसार ध्वस्त हिस्से पर बेली ब्रिज का काम पूरा होते ही अन्य दो के निर्माण पर फोकस होगा। रविवार से नवगछिया छोर पर 12 मीटर लंबे दूसरे बेली ब्रिज का निर्माण शुरू किया जाएगा।
इसे पूरा होने में पांच से छह दिन लगने की संभावना है। इसके बाद तीसरे चरण में भागलपुर छोर पर 24 मीटर लंबे बेली ब्रिज का निर्माण होगा। तीनों संरचनाओं के जुड़ने के बाद वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह तैयार हो जाएगा और वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकेगी।
ज्ञातव्य है कि बीते तीन मई को विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब गिर गया था। इसके बाद बीआरओ को वैकल्पिक बेली ब्रिज निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तैयार होने पर भागलपुर और नवगछिया के बीच यातायात के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
