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विक्रमशिला सेतु की ट्रिपल सेफ्टी: 34 मीटर बेली ब्रिज तैयार, 2 और पुलों का निर्माण जल्द

Published: Thu, 21 May 2026 12:09 AM (IST)

गंगा पर विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों को सहारा देने के लिए तीन बेली ब्रिज बनाए जा रहे हैं। एक ...और पढ़ें

विक्रमशिला में बेली ब्रिज। फाइल फोटो

विक्रमशिला में बेली ब्रिज। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, भागलपुर। गंगा पर थमी रफ्तार को पटरी पर लाने के लिए विक्रमशिला सेतु पर त्री-स्तरीय इंजीनियरिंग अभियान चल रहा है। सेतु के क्षतिग्रस्त और कमजोर हिस्सों को सहारा देने के लिए तीन अलग-अलग बेली ब्रिज तैयार किए जा रहे हैं।

बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन की तकनीकी टीम दिन-रात निर्माण में जुटी है। यह काम केवल मरम्मत नहीं, बल्कि पूर्वी बिहार की जीवनरेखा को पुनर्जीवित करने की बड़ी कवायद है।

बीआरओ अधिकारियों के अनुसार पहला और सबसे बड़ा बेली ब्रिज बनकर तैयार है। इसकी लंबाई 34 मीटर है। इस स्पैन पर सेतु का ढांचा सबसे अधिक प्रभावित हुआ था, इसलिए यहां भारी स्टील संरचना और विशेष तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है।

एक-दो दिन में शुरू हो जाएगा निर्माण 

फिलहाल इसका बेस तैयार हो चुका है और चदरा (रैंप) बिछाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दूसरा बेली ब्रिज क्षतिग्रस्त हिस्से के उत्तर यानी नवगछिया छोर पर कमजोर स्लैब पर बनेगा। इसकी लंबाई 12 मीटर होगी।

इस हिस्से में संरचनात्मक कमजोरी सामने आने के बाद अतिरिक्त सहारा देने का निर्णय लिया गया। इसके लिए जरूरी सामग्री भागलपुर पहुंच चुकी है। एक-दो दिन में निर्माण शुरू होने की संभावना है।

तीसरा बेली ब्रिज क्षतिग्रस्त स्लैब के दक्षिण यानी भागलपुर छोर पर कमजोर हिस्से पर बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 24 मीटर होगी। अधिकारियों के अनुसार इस स्पैन पर लोड संतुलन और कंपन नियंत्रण को ध्यान में रखकर विशेष डिजाइन तैयार किया गया है।

यह देश का अपने प्रकार का पहला प्रोजेक्ट है, जहां पुराने पुल के ऊपर बेली ब्रिज बनाया जा रहा है। पूरी संरचना को अत्यधिक सटीकता के साथ फुल स्केलिंग में तैयार किया जा रहा है। - जितेंद्र प्रसाद, अपर महानिदेशक, बीआरओ