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बिहार MLC चुनाव के बीच शिक्षा मंत्री का एलान: बाबुओं का स्टेट लेवल पर होगा ट्रांसफर, 7वें वेतनमान पर फैसला जल्द

By Abhishek PrakashEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
Published: Wed, 21 Oct 2026 08:13 AM (IST)

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार शिक्षा विभाग में राज्य स्तरीय तबादलों की पुष्टि की है, जिससे लंबे समय से एक ही जगह जमे कर्मियों का स्थानांतरण होगा।

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HighLights

  1. शिक्षा विभाग में राज्य स्तरीय तबादलों की पुष्टि।

  2. सातवें वेतनमान पर 30 दिनों में निर्णय संभव।

  3. सभी प्रमंडलों में गुरुकुलम स्थापित करने की योजना।

अभिषेक प्रकाश, भागलपुर। जिले में शिक्षा विभाग के 98.12 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद कर्मियों और लिपिकों के राज्यस्तरीय तबादले को लेकर दैनिक जागरण ने 16 अक्टूबर को खबर प्रकाशित की थी।

अब शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी राज्य स्तर पर तबादले की तैयारी की पुष्टि की है। उन्होंने मंगलवार को भागलपुर में विधान परिषद प्रत्याशी एनके यादव के पक्ष में आयोजित मतदाता संवाद में शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में वर्षों से एक ही जगह जमे कर्मियों का तबादला राज्य स्तर पर किया जाएगा।

इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आने वाले कुछ दिनों में इस दिशा में प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। मंत्री के इस बयान से शिक्षा विभाग में लंबे समय से जमे कर्मियों और लिपिकों के तबादले की चर्चा को बल मिला है।

मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में ऐसे कई कर्मियों की शिकायतें मिली हैं, जो शिक्षकों का दोहन करते हैं और उनसे पैसे की मांग करते हैं। राज्यसभा सांसद अनिल यादव ने भी इस संबंध में शिकायत की है। सरकार ऐसी शिकायतों को गंभीरता से ले रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब एक ही जिले या प्रमंडल में लंबे समय तक जमे रहकर मनमानी करने वाले कर्मियों की खैर नहीं है। अब भागलपुर में बैठा कर्मचारी कैमूर में जाकर काम करेगा।

राज्य स्तर पर तबादले का उद्देश्य विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।

साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दोहन किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिनके के विरुद्ध शिकायत मिलेगी उन पर घंटों में नहीं अब मिनट में कार्रवाई होगी।

सभी प्रमंडलों में स्थापित होंगे गुरुकुलम

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। स्कूलों से लेकर मदरसों तक की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया है। विद्यालयों को मंदिर के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास हुए हैं।

अब संस्कृत विद्यालयों पर भी काम होगा है। इसके तहत सरकार गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित गुरुकुलम व्यवस्था विकसित करने जा रही है।

राज्य का पहला गुरुकुलम बक्सर में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद भागलपुर सहित बिहार के सभी प्रमंडलों में गुरुकुलम की स्थापना की योजना है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों को बढ़ावा मिलेगा।

सातवें वेतनमान पर 30 दिनों में नई व्यवस्था की उम्मीद

सातवें वेतनमान के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसका लाभ देने की जिम्मेदारी सरकार की है। अधिकारियों को बिहार के बाहर शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं और बिहार में उपलब्ध सुविधाओं का तुलनात्मक आकलन करने का निर्देश दिया गया है।

इसके साथ ही सातवें वेतनमान के भुगतान पर होने वाले खर्च और राज्य के बजट पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन भी कराया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 30 दिनों के भीतर इस संबंध में नई व्यवस्था सामने आ सकती है।

शारीरिक स्वास्थ्य अनुदेशकों पर भी पहल

शिक्षा मंत्री ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत शारीरिक स्वास्थ्य अनुदेशकों को पूर्णकालिक करने के मुद्दे पर अधिकारियों को नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सरकार इस दिशा में आवश्यक पहल कर रही है।

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