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भागलपुर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे, भीड़ बढ़ते ही हालत बेकाबू; इमरजेंसी गेट की कमी

Published: Thu, 02 Apr 2026 01:42 PM (IST)

बिहारशरीफ भगदड़ के बाद भागलपुर के प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। पड़ताल में सामने आया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है, केवल सीसीटीवी तक सीमित।

भागलपुर के मंदिरों में भी भगवान भरोसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा। (AI Generated Image)

भागलपुर के मंदिरों में भी भगवान भरोसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा। (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता, भागलपुर। नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित मघड़ा शीतला माता मंदिर में 31 मार्च को हुई भगदड़ में नौ श्रद्धालुओं की मौत ने राज्यभर में मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस हादसे के बाद जब भागलपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों की पड़ताल की गई, तो सामने आया कि यहां भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा बड़े पैमाने पर भगवान भरोसे ही है। अधिकतर मंदिरों में सुरक्षा केवल सीसीटीवी कैमरों तक सीमित है। भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, आपातकालीन निकास और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की भारी कमी है। लंबी कतारें, संकरी गलियां और अव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था खतरे को और बढ़ा रही है।

शहर के प्रमुख मंदिरों में कई खामियां

शहर के प्रमुख मंदिर बूढ़ानाथ, भूतनाथ, आदमपुर का शिवशक्ति मंदिर और नया बाजार का जगन्नाथ मंदिर सुरक्षा के लिहाज से कई खामियों से जूझ रहे हैं। अधिकतर मंदिरों में स्थायी पुलिस बल की तैनाती नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था मंदिर प्रबंधन या स्वयंसेवकों के भरोसे चल रही है।

सामान्य दिनों में स्थिति संभली रहती है, लेकिन भीड़ बढ़ते ही हालात अनियंत्रित होने की आशंका बढ़ जाती है। बूढ़ानाथ मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार होने से आम दिनों में सुविधा रहती है, लेकिन यहां भी स्थायी पुलिस व्यवस्था अब नहीं है।

पुलिस बल की मांग की गई

मंदिर प्रबंधक बाल्मिकी सिंह के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है और वरीय अधिकारियों से पुलिस बल की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि सावन और शिवरात्रि जैसे अवसरों पर ही अस्थायी पुलिस व्यवस्था की जाती है तथा पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई जाती हैं।

इसके विपरीत, शिवशक्ति मंदिर और जगन्नाथ मंदिर अधिक संवेदनशील स्थिति में हैं। दोनों जगहों पर एक ही गेट से प्रवेश और निकास होता है। यह भीड़ के समय बड़ा खतरा बन सकता है। खासकर जगन्नाथ मंदिर की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ और संकरी गलियां स्थिति को और गंभीर बना देती हैं।

भूतनाथ मंदिर की स्थिति चिंताजनक

मंदिर के पुजारी समीर कुमार मिश्रा और सौरभ कुमार मिश्रा ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। भूतनाथ मंदिर की स्थिति भी चिंताजनक है। यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और चोरी की घटनाएं आम हैं।

शिवभक्त डॉ. तिरुपतिनाथ यादव और डॉ. संदीप के अनुसार, मंदिर परिसर में कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं और असामाजिक तत्वों को हटाने पर विवाद की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि एसएसपी से पुलिस बल की मांग की गई है और अप्रैल में व्यवस्था का आश्वासन मिला है।

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