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धूप से बिजली बनाने में बांका ने मारी बाजी, अब भागलपुर की छतों पर सोलर से रोशन होगा भविष्य

Published: Thu, 15 Oct 2026 12:45 PM (GMT+05:30)

भागलपुर और बांका जिले हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नई उड़ान भर रहे हैं, जहाँ भागलपुर में 2.4 मेगावाट का ...और पढ़ें

सौर ऊर्जा और सोलर पैनल से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देती विद्युत परियोजनाएं।

सौर ऊर्जा और सोलर पैनल से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देती विद्युत परियोजनाएं।

HighLights

  1. भागलपुर के खरीक में 2.4 मेगावाट का सोलर प्लांट।

  2. बांका में 85 मेगावाट क्षमता के चार सोलर प्लांट संचालित।

  3. भागलपुर रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में बिहार में चौथे स्थान पर।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। आत्मनिर्भर भारत और हरित (ग्रीन) ऊर्जा के क्षेत्र में भागलपुर और बांका जिला अब एक नई और आधुनिक उड़ान भरने को पूरी तरह तैयार है। सूरज की प्रचुर रोशनी से बिजली उत्पादन बढ़ाने की यह पहल इस क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ पारंपरिक बिजली के भरोसे से मुक्त कर वैकल्पिक स्रोतों से जोड़ रही है।

भागलपुर के खरीक में पांच करोड़ रुपये की लागत से 2.4 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जबकि जिले में सात से आठ अन्य नई इकाइयां भी प्रस्तावित हैं।

वहीं दूसरी ओर, पड़ोसी जिले बांका में 85 मेगावाट क्षमता के चार बड़े सोलर प्लांट सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जिससे वहां बिजली की पुरानी समस्याओं से राहत मिली है। घरेलू स्तर पर भी भागलपुर पीछे नहीं है और छतों पर सोलर पैनल लगवाने के मामले में यह जिला पूरे बिहार में चौथे पायदान पर है।

खरीक में डेढ़ करोड़ का अनुदान, सरकार खरीदेगी बिजली

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) की 'सी' योजना के तहत खरीक में सौर ऊर्जा इकाई स्थापित की जा रही है। इस परियोजना पर एक निजी कंपनी करीब पांच करोड़ रुपये खर्च कर रही है और मौके पर कई सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार से लगभग 1.05 करोड़ रुपये और बिहार सरकार से 45 लाख रुपये का अनुदान मिलने का प्रावधान है। यहां उत्पादित होने वाली बिजली को सरकार द्वारा 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदे जाने की योजना है।

2400 किलोवाट क्षमता वाली इस इकाई से प्रति किलोवाट प्रतिमाह 120 यूनिट उत्पादन के मानक के आधार पर लगभग 2.88 लाख यूनिट बिजली पैदा होने का अनुमान लगाया गया है, हालांकि वास्तविक उत्पादन मौसम और धूप की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

बांका में 85 मेगावाट क्षमता और सुधरी वोल्टेज व्यवस्था

बांका जिले के शंभुगंज में सूर्यांता प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की 5 मेगावाट क्षमता वाली इकाई शुरू हो चुकी है। इसके अलावा ककवारा में एकमी कंपनी का 25 मेगावाट, कटोरिया में अवदा कंपनी का 50 मेगावाट और बौंसी में उदिता कंपनी का 5 मेगावाट का सोलर प्लांट संचालित है।

इन सभी की कुल स्थापित क्षमता 85 मेगावाट है। बांका के पहाड़ी और कम आबादी वाले क्षेत्रों में बड़े भूखंडों की सुगमता से उपलब्धता सोलर प्लांट लगाने में काफी मददगार साबित हुई है। इसके विपरीत भागलपुर में जमीन महंगी होने के कारण बड़े भूखंड हासिल करना एक बड़ी चुनौती है, इसके बावजूद यहां आधा दर्जन से अधिक नई इकाइयां पाइपलाइन में हैं।

विद्युत आपूर्ति क्षेत्र, भागलपुर के उप महाप्रबंधक सह विद्युत अधीक्षण अभियंता इ. संजय कुमार बरियो के अनुसार, बांका में स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन शुरू होने से लो वोल्टेज और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की पुरानी समस्या लगभग समाप्त हो चुकी है। भागलपुर में भी इन सौर ऊर्जा इकाइयों के धरातल पर उतरने से बिजली वितरण व्यवस्था को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

रूफटॉप सोलर में बिहार में चौथे स्थान पर भागलपुर

बड़े कमर्शियल प्लांट के मामले में भागलपुर भले ही अभी शुरुआती दौर में हो, लेकिन घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाने में यहां के लोग काफी आगे हैं। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भागलपुर जिले में अब तक 1470 घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।

इस सूची में पटना 11,981 घरों के साथ पहले, मुजफ्फरपुर 2,583 घरों के साथ दूसरे और नालंदा 1,913 घरों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि भागलपुर ने इस दौड़ में चौथा स्थान हासिल किया है।

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"भागलपुर और बांका दोनों जिलों में ग्रीन ऊर्जा के विस्तार पर तेजी से काम चल रहा है। भागलपुर में आधा दर्जन से अधिक सोलर बिजली उत्पादन इकाइयां प्रस्तावित हैं। इन वैकल्पिक स्रोतों के आने से पारंपरिक ऊर्जा पर हमारी निर्भरता कम होगी और बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी।"

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— इ. संजय कुमार बरियो, उप महाप्रबंधक सह विद्युत अधीक्षण अभियंता,भागलपुर