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शौचालय की टंकी में 3 बच्चों को डुबोने वाली मां दोषी; भागलपुर कोर्ट ने पति से कहा- आप पर कोई सबूत नहीं, जाइए घर

Published: Sat, 07 Nov 2026 07:59 AM (IST)

Bhagalpur Triple Murder Case Court Verdict: भागलपुर कोर्ट ने अपने तीन मासूम बच्चों को शौचालय की टंकी में डुबोकर हत्या ...और पढ़ें

Bhagalpur Triple Murder Case Court Verdict: भागलपुर शौचालय की टंकी में 3 बच्चों को फेंकने वाली मां दोषी! प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

Bhagalpur Triple Murder Case Court Verdict: भागलपुर शौचालय की टंकी में 3 बच्चों को फेंकने वाली मां दोषी! प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

HighLights

  1. मां प्रेमलता कुमारी को तीन बच्चों की हत्या का दोषी ठहराया।

  2. पति देवेश कुमार रंजन साक्ष्य के अभाव में कोर्ट से बरी।

  3. भागलपुर कोर्ट ने दोषी मां की सजा के लिए अगली तारीख तय की।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Triple Murder Case Court Verdict: अपने ही तीन मासूम बच्चों को शौचालय की टंकी में फेंककर निर्मम हत्या करने वाली कलयुगी मां प्रेमलता कुमारी को अदालत ने दोषी करार दिया है। शुक्रवार को भागलपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश 16 संदीप सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपित मां को दोषी ठहराया।

न्यायालय ने दोषी को सजा सुनाने के लिए अगली तिथि तय कर दी है। वहीं, मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इसी केस में आरोपित बनाए गए प्रेमलता के पति देवेश कुमार रंजन को पुख्ता साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रफुल्ल चंद्र राही ने अदालत में बहस में भाग लिया।

पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद दिया था वारदात को अंजाम

घटना बाथ थाना क्षेत्र के करहरिया गांव की है, जहां 4 जनवरी 2019 को पति देवेश कुमार रंजन और उसकी पत्नी प्रेमलता कुमारी के बीच किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए घर के अन्य सदस्यों ने दोनों को काफी समझाया-बुझाया और मामला शांत कराने की कोशिश की। लेकिन प्रेमलता के मन में कुछ और ही चल रहा था।

अगली सुबह यानी 5 जनवरी 2019 को घर में सन्नाटा पसरा था। प्रेमलता कमरे के कोने में भीगे कपड़ों में बैठी कांप रही थी। जब परिजन उसके पास पहुंचे, तो वह बिना कुछ बोले केवल हाथ के इशारे से घर के आंगन में बनी शौचालय की टंकी की तरफ दिखा रही थी। परिजनों ने जब अनहोनी की आशंका के बीच शौचालय की टंकी का ढक्कन हटाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए। टंकी के अंदर उसके तीनों मासूम बच्चे मृत पड़े थे। इस वीभत्स दृश्य को देखकर पूरे गांव में कोहराम मच गया था।

सास ने जब देखा कच्चा दूध, तब खुला था सनसनीखेज राज

इस दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा तब हुआ जब प्रेमलता की सास सरोज सिन्हा सुबह रसोई में गईं। उन्होंने देखा कि बच्चों के पीने के लिए रखा दूध अभी भी कच्चा पड़ा है और उसे गर्म नहीं किया गया है। सास को शक हुआ कि बच्चे अब तक जगे क्यों नहीं और उन्हें दूध क्यों नहीं दिया गया। इन्हीं सवालों के साथ जब सरोज सिन्हा अपनी बहू और बच्चों का हाल जानने कमरे में पहुंचीं, तो वहां का दृश्य चौंकाने वाला था।

प्रेमलता भीगे कपड़ों में कांप रही थी और उसने शौचालय की टंकी की तरफ इशारा किया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मां के साथ-साथ पति देवेश कुमार रंजन को भी संदेह के आधार पर आरोपित बना दिया था। हालांकि, विचारण के दौरान पति के खिलाफ अपराध में संलिप्तता का कोई प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य साक्ष्य नहीं मिला, जिसके बाद न्यायालय ने देवेश को सभी आरोपों से दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।

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