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भागलपुर में LPG संकट, 1254 स्कूलों में मिड डे मील बाधित होने का खतरा

Published: Fri, 13 Mar 2026 12:04 PM (IST)

भागलपुर के 1254 प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना पर गैस संकट का खतरा मंडरा रहा है। अधिकांश स्कूलों में ...और पढ़ें

स्कूल में खाने पर आ सकता है संकट। (जागरण)

स्कूल में खाने पर आ सकता है संकट। (जागरण)

HighLights

  1. भागलपुर के 1254 स्कूलों में एमडीएम पर गैस संकट।

  2. दो लाख से अधिक बच्चों का भोजन प्रभावित होने की आशंका।

  3. निदेशालय ने तेल कंपनियों से प्राथमिकता पर गैस मांगी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के 1254 प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना पर गैस संकट का खतरा मंडराने लगा है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, अधिकांश स्कूलों में एलपीजी सिलिंडर का स्टाक केवल दो से तीन दिन के लिए ही बचा हुआ है। यदि जल्द कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति नहीं हुई, तो स्कूलों में मिड डे मील का संचालन बाधित हो सकता है।

ऐसी स्थिति में जिले के दो लाख से अधिक बच्चों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, अभी तक किसी विद्यालय से गैस की कमी को लेकर लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन कुछ स्कूलों ने मौखिक रूप से सिलिंडर उपलब्ध कराने की जानकारी दी है।

जिले में करीब 1756 प्रारंभिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित है। इनमें 502 विद्यालयों में एनजीओ के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जबकि शेष स्कूलों में रसोइया द्वारा एलपीजी गैस से भोजन पकाया जाता है।

लेटर भेजने की तैयारी

इस संबंध में डीपीओ (मध्याह्न भोजन) बबीता कुमारी ने बताया कि कुछ विद्यालयों से सिलिंडर उपलब्ध कराने का अनुरोध मिला है, हालांकि लिखित शिकायत अभी नहीं आई है। सभी स्कूलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही गैस उपलब्ध कराने को लेकर पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है।

मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय को कई जिलों से मिली है शिकायत। मध्य पूर्व क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की संभावित कमी को देखते हुए बिहार में मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

इसको लेकर मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय ने इंडियन आयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों को पत्र भेजकर विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी गैस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

निदेशक विनायक मिश्र ने बताया कि समीक्षा के दौरान कुछ जिलों से सूचना मिली है कि विद्यालयों में भोजन बनाने के लिए एलपीजी की समस्या उत्पन्न हो रही है।

कई स्थानों पर स्थानीय गैस वितरकों द्वारा स्कूलों को गैस सिलिंडर देने से भी इनकार किया जा रहा है, जिससे मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में बाधा आ रही है।

मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्रतिदिन लगभग एक करोड़ बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में एलपीजी की कमी से योजना प्रभावित होना बच्चों के हित में नहीं होगा। निदेशक ने सभी डीईओ और जिलाधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है, ताकि योजना का संचालन सुचारू रूप से जारी रह सके।

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