बिहार में सिलिंडर बुकिंग के लिए OTP का ‘झंझट’ खत्म, अब ऑफलाइन ही होगी बुकिंग
राजधानी पटना समेत बिहार में रसोई गैस की किल्लत के बीच सरकार ने अहम फैसले लिए हैं। इंडियन ऑयल ने ...और पढ़ें

ऑफलाइन ही होगी गैस बुकिंग

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी समेत राज्य के कई हिस्सों में रसोई गैस की किल्लत के बीच सरकार ने घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर वितरण व्यवस्था को लेकर अहम फैसले लिए हैं। इंडियन आयल ने तकनीकी कारणों से फिलहाल ओटीपी आधारित डिलीवरी सिस्टम को तात्कालिक रूप से हटा दिया है। इससे अब उपभोक्ताओं को आफलाइन भी गैस बुकिंग की सुविधा भी मिल सकेगी।
हालांकि, घरेलू गैस की आपूर्ति को लेकर सरकार ने स्थिति सामान्य बताई है, लेकिन कमर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत से होटल, रेस्टोरेंट, ठेला और छोटे कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है। बड़े होटलों में वैकेल्पिक साधनों का उपयोग होने लगा है। इसके तहत इंडक्शन चूल्हा, हीटर, कोयला व चारकोल का सहारा लिया जा रहा है।
एक सप्ताह से 10 दिन का बैकलॉग
घरेलू सिलिंडर लेने के लिए गुरुवार की सुबह से ही ग्राहक गैस एजेंसी व गोदाम पर पहुंचने लगे। जबकि, ऑनलाइन बुकिंग व डिलेवरी लेने वाले ग्राहक परेशान रहे। स्थिति यह है कि कई एजेंसी के पास एक सप्ताह से 10 दिन का बैकलॉग हो गया है।
पटेल नगर, बोरिंग कैनाल रोड, राजा बाजार, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर इलाके में एजेंसी संचालकों के अनुसार मांग के अनुरूप सिलिंडर नहीं मिल रहे है। बताया गया कि मांग 540 की दो-तीन गाडि़यों की होती है तो 341 का एक वाहन भेज दिए जा रहा है। इससे ग्राहकों का बैकलाग बढ़ा है।
कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री पर सख्त कार्रवाई
इसी बीच, गुरुवार को विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर घरेलू गैस सिलिंडर की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों, गोदामों और वितरण प्रणाली की लगातार निगरानी की जाए और कहीं भी गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
कई जगह उपभोक्ताओं ने जताया विरोध
गैस सिलिंडर नहीं मिलने से आम उपभोक्ताओं की नाराजगी भी सामने आने लगी है। राजधानी के कई इलाकों में लोगों ने गैस एजेंसियों के बाहर विरोध जताया। कुछ जगहों पर गैस सिलिंडर लेकर जा रहे वेंडरों के साथ उपभोक्ताओं की नोकझोंक भी हुई।
शिवपुरी, पटेलनगर और आसपास के इलाकों में ऐसी ही स्थिति बनने पर पुलिस को बुलाना पड़ा। कई एजेंसी संचालकों और वेंडरों ने सुरक्षा की मांग भी की है। उपभोक्ताओं का कहना कि कई दिनों पूर्व की बुकिंग के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहा है, जिससे घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है।
होटल और छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा असर
कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी का सबसे अधिक असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और सड़क किनारे ठेले लगाने वाले छोटे कारोबारियों पर पड़ा है। राजधानी के कई छोटे होटल और नाश्ते की दुकानों में गैस की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
मुसल्लहपुर हाट, बाजार समिति, पटना सिटी और कंकड़बाग जैसे इलाकों में कई दुकानदारों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहा है। इसके कारण उन्हें महंगे दाम पर सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है या फिर सीमित मात्रा में ही खाना बनाना पड़ रहा है।
चाट, पकौड़ा और नाश्ते के ठेले लगाने वाले विक्रेताओं का कहना है कि गैस नहीं मिलने से रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। कई लोग मजबूरी में अस्थायी रूप से दुकान बंद करने या काम कम करने को विवश हैं।
प्रशासन ने दिए सख्ती के निर्देश
समीक्षा बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सभी जिलों में विशेष निगरानी अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग रोकने के लिए भी सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पुलिस अधीक्षकों को सोशल मीडिया पर निगरानी रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी जिलों में आम लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने को भी कहा गया है।
कंपनियों का दावा, आपूर्ति सामान्य
बैठक में इंडियन ऑयल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं बिहार-झारखंड के राज्य प्रमुख अनूप कुमार समान्त राय ने कहा कि राज्य में घरेलू गैस सिलिंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। उन्होंने उपभोक्ताओं से घबराकर अनावश्यक भंडारण नहीं करने की अपील की।
पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है तथा पीएनजी गैस सप्लाई में भी कोई समस्या नहीं है।
सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को परेशानी न हो, इसके लिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, बाजार और आम लोगों की नजर अब इस पर है कि गैस की आपूर्ति कब पूरी तरह सामान्य हो पाती है।
