भागलपुर मास्टर प्लान 2047: जाम से मिलेगी मुक्ति; पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण और ड्रेनेज पर फोकस
भागलपुर के सुनियोजित विकास और भविष्य की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 2047 का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
2047 मास्टर प्लान में पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण पर विशेष जोर।
यातायात व्यवस्था सुधारने हेतु प्रमुख मार्गों का विस्तृत सर्वेक्षण जारी।
बाजार क्षेत्रों में पार्किंग समस्या और अतिक्रमण का होगा समाधान।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर के सुनियोजित विकास और भविष्य की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तैयार किए जा रहे 2047 के मास्टर प्लान में पार्किंग, सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण, फुटपाथ और ड्रेनेज व्यवस्था को प्रमुखता दी जा रही है।
मास्टर प्लान तैयार करने वाली एजेंसी ने आयोजना क्षेत्र के सर्वे के साथ अब शहरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन भी शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में शहर में बढ़ने वाले यातायात के दबाव को देखते हुए पहले से कार्ययोजना तैयार करना है।
आयोजना क्षेत्र के सर्वे का जिम्मा एक्सेल ज्यामितीय एजेंसी को मिला है। पांच चरणों में होने वाले सर्वे में तीन चरणों का काम पूरा हो चुका है।
नवंबर तक सर्वे का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में एजेंसी की टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों की मापी शुरू कर दी है।
सीनियर प्रोजेक्ट लीडर मनोज कुमार ओझा और सहायक परियोजना मैनेजर विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में टीम विभिन्न क्षेत्रों का जायजा ले रही है।
वाहनों के साथ साइकिल और पैदल यात्रियों की भी गणना
सर्वे में जीरोमाइल, बाथा चौक, तिलकामांझी, अलीगंज और ततारपुर चौक समेत प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया है। आयोजना क्षेत्र में बाइपास मार्ग, लोदीपुर थाना के आसपास, डॉ. अंबेडकर चौक, सिमरिया और विक्रमशिला सेतु मार्ग का भी अध्ययन किया गया है।
स्मार्ट सिटी की ओर से लगाए गए वीडियो फुटेज के आधार पर भी यातायात की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
किस मार्ग से एक निश्चित समय में कितने वाहन गुजरते हैं, इसका आंकड़ा जुटाया जा रहा है।
टीएनसी (ट्रैफिक गतिविधि) और ट्रैफिक वॉल्यूम का अध्ययन किया जा रहा है। भारी वाहनों, चार पहिया और दोपहिया वाहनों के साथ साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों की भी गणना की जा रही है।
इससे भविष्य में किस मार्ग पर किस तरह की यातायात व्यवस्था की जरूरत होगी, इसका खाका तैयार करने में मदद मिलेगी।
बाजार क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या का होगा समाधान
मास्टर प्लान में शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों को व्यवस्थित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। खलीफाबाग, स्टेशन चौक, कोतवाली चौक, ततारपुर और तिलकामांझी जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न होती है।
सर्वे के आधार पर इन क्षेत्रों में पार्किंग के लिए संभावित स्थलों को चिह्नित किया जाएगा। इसके अलावा सड़कों पर अतिक्रमण की स्थिति, फुटपाथ की उपलब्धता और उनकी वर्तमान स्थिति का भी आकलन किया जा रहा है। नालों और ड्रेनेज सिस्टम की मौजूदा स्थिति के साथ भविष्य की जरूरतों को भी मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा।
स्टेशन-कोतवाली मार्ग के चौड़ीकरण की बनेगी योजना
चंपानगर से लाटनगर होते हुए भागलपुर स्टेशन चौक तक सड़क की चौड़ाई और यातायात दबाव का भी अध्ययन किया जा रहा है।
वहीं स्टेशन चौक से कोतवाली चौक तक सड़क के चौड़ीकरण को लेकर भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मास्टर प्लान में यह तय करने का प्रयास होगा कि किन स्थानों पर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की जरूरत है और कहां वैकल्पिक यातायात व्यवस्था विकसित की जा सकती है।
घंटाघर चौक से स्टेशन चौक के बीच सामान्य परिस्थितियों में जिस दूरी को करीब पांच से छह मिनट में तय किया जाना चाहिए, वहां वर्तमान में नौ से 11 मिनट तक लग रहे हैं। यातायात के इस दबाव के कारणों का भी अध्ययन किया जा रहा है।
बस स्टैंड और सब्जी मंडी को भी व्यवस्थित करने की तैयारी
शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के साथ बस स्टैंड, सब्जी मंडी और अन्य प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने की दिशा में भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
मास्टर प्लान का लक्ष्य केवल वर्तमान समस्या का समाधान करना नहीं, बल्कि वर्ष 2047 तक शहर की बढ़ती आबादी, वाहनों और व्यावसायिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक विकास का खाका तैयार करना है।
शहर के प्रमुख मार्गों पर वर्तमान यातायात दबाव, पार्किंग की कमी, अतिक्रमण और सड़क की स्थिति से जुटाए जा रहे आंकड़ों के आधार पर एजेंसी भविष्य की जरूरतों का आकलन करेगी। इसके बाद इसी आधार पर भागलपुर के लिए सड़क, पार्किंग और यातायात व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं को मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा।
