फर्जी शिक्षिका के खाते में 98 लाख ट्रांसफर, भागलपुर में डीपीओ शशि चंदन चौधरी और ऑपरेटर अविनाश राज भेजे गए जेल
भागलपुर शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये के गबन मामले में डीपीओ शशि चंदन चौधरी और ऑपरेटर अविनाश राज को ...और पढ़ें

भागलपुर में 98 लाख रुपये के गबन मामले में कार्रवाई डीपीओ शशि चंदन चौधरी और ऑपरेटर अविनाश राज भेजे गए जेल
HighLights
भागलपुर शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये का गबन।
डीपीओ शशि चंदन चौधरी और ऑपरेटर अविनाश राज गिरफ्तार।
फर्जी शिक्षिका 'तनु श्री' के नाम पर हुई अवैध निकासी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिला शिक्षा विभाग में हुए 98.12 लाख रुपये के बहुचर्चित गबन मामले में पुलिस ने बड़ी और त्वरित कार्रवाई की है। जोगसर पुलिस ने शुक्रवार की अल सुबह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शशि चंदन चौधरी और सेवामुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार की रात लगभग नौ बजे दोनों आरोपियों को विशेष निगरानी न्यायाधीश दीपक कुमार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अदालत द्वारा दस्तावेजों का गहन मुआयना करने के बाद दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारा भेज दिया गया।
भागलपुर जिला शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये के अवैध गबन मामले में डीपीओ (स्थापना) शशि चंदन चौधरी और सेवामुक्त ऑपरेटर अविनाश राज गिरफ्तार
शुक्रवार की रात विशेष निगरानी न्यायाधीश दीपक कुमार के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RPDS) के आवेदन पर जोगसर थाने में डीईओ, डीपीओ, लिपिक शिशिर कुमार झा समेत 6 लोगों पर दर्ज है प्राथमिकी
फर्जी शिक्षिका 'तनु श्री' के नाम पर जुलाई व अगस्त 2026 में 90 लाख से अधिक की अवैध निकासी और लॉगिन आईडी के दुरुपयोग का खुलासा
यह पूरा मामला क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RPDS) सुभाष कुमार गुप्ता के लिखित आवेदन पर जोगसर थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आगे बढ़ रहा है, जिसमें डीईओ चंदन कुमार, डीपीओ (स्थापना) शशि चंदन चौधरी, लिपिक शिशिर कुमार झा, ऑपरेटर अविनाश राज तथा अविनाश की पत्नी काजल व तनुजा देवी समेत कुल छह लोगों को नामजद किया गया है।
फर्जी शिक्षिका 'तनु श्री' के नाम पर दो महीने में निकाले गए 90 लाख से अधिक; एचआरएमएस टीम ने पकड़ा खेल
इस बड़े वित्तीय फर्जीड़े का खुलासा सात अक्टूबर को तब हुआ, जब एचआरएमएस (HRMS) कोषांग से जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को सूचना मिली कि एक शिक्षिका (तनु श्री) के खाते में जुलाई 2026 में 43.62 लाख रुपये से अधिक का भारी-भरकम वेतन भेजा गया है।
कार्यालय स्तर पर हुई प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया। पता चला कि संबंधित शिक्षिका को अप्रैल 2026 में पहली बार मार्च का वेतन मिला था, जिसके बाद मई 2025 से फरवरी 2026 तक के वेतन का भुगतान अलग-अलग फर्जी लेन-देन के जरिए किया गया।
जुलाई में 43,62,168 रुपये और अगस्त में 46,95,775 रुपये का भुगतान कर कुल राशि 98.12 लाख रुपये तक पहुंचा दी गई। दस्तावेजों की जांच में संबंधित शिक्षिका के पूरी तरह फर्जी होने की पुष्टि हुई।
लॉगिन आईडी से छेड़छाड़ और गायब फाइलों पर टिकी पुलिस की नजर; बर्खास्तगी के बाद भी जारी रहा खेल
जांच में यह बात सामने आई है कि सेवामुक्त ऑपरेटर अविनाश राज ने कार्यालय कर्मियों की लॉगिन आईडी का गलत इस्तेमाल कर फर्जी शिक्षिका को वेतन पाने वाले के रूप में जोड़ा था।
हैरानी की बात यह है कि विभाग ने दिखावे के लिए अविनाश को जून 2026 में हटा दिया था, लेकिन उसके बावजूद उसी आईडी से लेनदेन जारी रहा। ऑपरेटर ने एचआरएमएस पर हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और सिटी ट्रांसपोर्ट अलाउंस (CTA) की राशि में भी भारी फेरबदल किया था, जिसमें लिपिक शिशिर कुमार झा की लॉगिन आईडी के इस्तेमाल के साक्ष्य मिले हैं।
गुरुवार को जब जोगसर पुलिस जिला शिक्षा कार्यालय पहुंची, तो कई महत्वपूर्ण फाइलें गायब मिलीं। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि क्या इस फर्जीवाड़े में अन्य लोग भी संलिप्त हैं और डीपीओ के अप्रूवल लॉग व डिजिटल हस्ताक्षर की तकनीकी जांच की जा रही है।
