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Bhagalpur Education Scam : काजल के प्रेम में अविनाश ने उड़ाए 98 लाख! खरीदी कार, बुलेट व जमीन, फरीदाबाद से भी कनेक्‍शन

Published: Sat, 10 Oct 2026 01:33 AM (IST)

Bhagalpur Education Scam Operator Avinash: संविदा ऑपरेटर अविनाश राज ने पत्नी के शौक पूरे करने के लिए भागलपुर शिक्षा विभाग ...और पढ़ें

Bhagalpur Education Scam Operator Avinash:

Bhagalpur Education Scam Operator Avinash: 

HighLights

  1. संविदा ऑपरेटर अविनाश राज ने 98 लाख का गबन किया।

  2. फर्जी शिक्षिका के नाम पर वेतन बिल पास कराए, फरीदाबाद भेजे।

  3. पत्नी काजल के लिए लग्जरी जीवनशैली, कार-जमीन खरीदी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur Education Scam Operator Avinash: जिला शिक्षा विभाग में संविदा ऑपरेटर के रूप में तैनात रहे अविनाश राज ने पहले अपनी सहज कार्यशैली और तकनीकी दक्षता से विभागीय उच्चाधिकारियों का अटूट विश्वास जीता, फिर उसी विश्वास की आड़ में विभाग के मुंह पर कालिख पोत दी।

पत्नी काजल के शौक पूरे करने और लग्जरी लाइफस्टाइल की चाहत में उसने सरकारी खजाने से 98 लाख 12 हजार 773 रुपये के गबन की ऐसी पटकथा लिखी, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख दिया है।

वर्ष 2019 से स्थापना शाखा में कार्यरत अविनाश ने 2021 में लागू हुई मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) की तकनीकी बारीकियों को गहराई से समझा और वेतन बिल बनाने के काम में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

इसी का नाजायज फायदा उठाकर उसने गोपनीय लॉगिन आईडी और पासवर्ड हासिल किए। हद तो यह रही कि 9 जून 2026 को सेवामुक्त किए जाने के बाद भी वह लिपिक शिशिर कुमार झा की लॉगिन आईडी का बेधड़क इस्तेमाल करता रहा और फर्जी शिक्षिका के नाम पर लाखों रुपये की अवैध निकासी करता रहा।

फरीदाबाद के खाते में पहुंची रकम, फिर UPI से हुआ बंदरबांट

वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल से मनी ट्रेल का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फर्जी शिक्षिका के नाम पर जुलाई 2026 में 43,62,168 रुपये और अगस्त में 46,95,775 रुपये का विपत्र पास कराया गया। पूर्व के भुगतानों को मिलाकर यह आंकड़ा 98,12,773 रुपये पहुंच गया।

यह पूरी राशि सीधे फरीदाबाद (हरियाणा) स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाता संख्या 38658373122 में भेजी जाती थी। इसके बाद वहां से यूपीआई (UPI) के जरिए इसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था। जांच में सामने आया है कि इस अवैध धन की सबसे बड़ी खेप अविनाश की पत्नी काजल, खुद अविनाश, जमीन कारोबारी गौतम कुमार और तनुजा देवी के खातों में ट्रांसफर की गई।

46 लाख रुपये होल्ड, 28 लाख गौतम के खाते में मिले

घोटाले की परतें खुलने के बाद सक्रिय हुई जांच टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में मौजूद लगभग 46 लाख रुपये की राशि को फ्रीज (होल्ड) करा दिया है। वहीं, लगभग 28 लाख रुपये जमीन के कारोबार से जुड़े गौतम कुमार के यूपीआई खाते में पाए गए हैं।

आशंका जताई जा रही है कि शेष राशि को जमीन और लग्जरी सामान खरीदने में ठिकाने लगा दिया गया है। पुलिस अब बैंक स्टेटमेंट और संपत्ति खरीद के दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

दो कार, बुलेट, तीन जगह जमीन और महंगे टूर

सूत्रों के मुताबिक, संविदा पर मामूली मानदेय पाने वाले अविनाश की जीवनशैली में पिछले दो वर्षों के दौरान नाटकीय बदलाव आया था। उसने इस दौरान दो लग्जरी कारें और एक बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी। यही नहीं, उसने तीन अलग-अलग स्थानों पर कीमती जमीन के प्लॉट भी खरीदे।

शादी के बाद वह अपनी पत्नी काजल के साथ दार्जिलिंग और मनाली जैसे महंगे हिल स्टेशनों पर टूर करता रहा। 9 जून 2026 को जब विभाग ने उसे सेवामुक्त किया, उस समय भी वह 15 जून को सिक्किम में छुट्टियां बिता रहा था। उल्लेखनीय है कि अविनाश की मां भी एक शिक्षिका हैं, इसके बावजूद उसने इस दुस्साहसिक कारनामे को अंजाम दिया।

फोन पर कबूला था गुनाह

मामले का भंडाफोड़ होने के बाद जब जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अविनाश से फोन पर संपर्क साधा, तो उसने वित्तीय हेराफेरी की बात स्वीकार कर ली थी। उसने अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते हुए 20 लाख रुपये तुरंत लौटाने की पेशकश की थी, लेकिन उसकी शर्त थी कि उसके खिलाफ कोई कानूनी प्राथमिकी दर्ज न की जाए।

20 लाख लौटाकर केस दबाने की थी शर्त

शिक्षा विभाग ने इस सौदेबाजी को सिरे से खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई का मन बना लिया। अधिकारियों के कड़े रुख को भांपते ही अविनाश ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और फरार हो गया था, जिसे बाद में डीआईओयू की टीम ने बांका से धर दबोचा।

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