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भागलपुर शिक्षा विभाग में 98 लाख के गबन के बाद हड़कंप, 17338 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच, हाजिरी में फंसे 24 HM

Published: Mon, 12 Oct 2026 09:38 AM (IST)

Bhagalpur Education Scam : भागलपुर शिक्षा विभाग में 98 लाख के गबन के बाद राज्य सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं पर ...और पढ़ें

Bhagalpur Education Scam : गबन के बाद भागलपुर के 17,338 गुरुजी के खातों पर नजर; फर्जी हाजिरी वाले 24 रडार पर

Bhagalpur Education Scam : गबन के बाद भागलपुर के 17,338 गुरुजी के खातों पर नजर; फर्जी हाजिरी वाले 24 रडार पर

HighLights

  1. 98 लाख के गबन के बाद वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार।

  2. भागलपुर के 17,338 शिक्षकों के वेतन व अभिलेखों की गहन जांच।

  3. हाजिरी फर्जीवाड़े में फंसे 24 से अधिक शिक्षकों पर होगी कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, भागलपुर।Bhagalpur Education Scam : जिला शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षिका के नाम पर हुए 98 लाख 12 हजार रुपये के बहुचर्चित गबन कांड के बाद राज्य सरकार ने वित्तीय अनियमितता की जड़ों पर कड़ा प्रहार करने का फैसला लिया है। इस फर्जीवाड़े से सबक लेते हुए अब भागलपुर जिले के सभी 17,338 शिक्षकों के वेतन भुगतान, बैंक खातों और मूल सेवा अभिलेखों की गहन जांच कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

अक्टूबर माह के वेतन भुगतान से पहले न केवल शिक्षकों, बल्कि विभागीय कर्मियों और पदाधिकारियों के वेतन निकासी की पूरी प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। राज्य के वित्त सचिव ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के सचिव को आधिकारिक पत्र भेजकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी स्तर पर वेतन मद में सेंधमारी की गुंजाइश न रहे।

प्रखंड स्तर पर होगा शैक्षणिक प्रमाणपत्र

क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDDE) सुभाष कुमार गुप्ता ने बताया कि राज्य मुख्यालय से जारी पत्र के आलोक में विस्तृत विभागीय दिशा-निर्देश एक-दो दिनों में प्राप्त होने की संभावना है। दिशा-निर्देश मिलते ही जिलेभर में सघन जांच अभियान छेड़ दिया जाएगा।

पैन व खातों का मिलान

प्रखंड स्तर पर विशेष सत्यापन दलों का गठन किया जाएगा, जो मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के डेटा का भौतिक अभिलेखों से मिलान करेंगे। इसके तहत प्रत्येक शिक्षक के मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आधार, पैन कार्ड, अधिकृत बैंक खाता संख्या और प्राण (PRAN) नंबर की बारीकी से जांच होगी। सत्यापन के दौरान किसी भी शिक्षक या कर्मी के अभिलेख अथवा बैंक खाते में विसंगति पाई गई, तो तुरंत वेतन रोकते हुए प्राथमिकी और विभागीय निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

हाजिरी में फर्जीवाड़ा करने वाले 24 से अधिक शिक्षक चिह्नित

वेतन और दस्तावेजों के सत्यापन के साथ-साथ विद्यालयों में शिक्षकों की भौतिक उपस्थिति की निगरानी भी सख्त कर दी गई है। आरडीडीई ने स्पष्ट किया कि अब शिक्षकों की उपस्थिति की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाएगी। इसके लिए जिला और प्रखंड स्तर पर विशेष उड़नदस्ता टीमें काम करेंगी।

पूर्व में ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए की गई तकनीकी समीक्षा में दो दर्जन से अधिक (24 से ज्यादा) शिक्षक इन-आउट दर्ज करने और 'मार्क ऑन ड्यूटी' के मामलों में संदेहास्पद पाए गए हैं। इन सभी शिक्षकों के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

डीईओ और आरडीडीई स्तर पर होगी नियमित समीक्षा

उपस्थिति और वेतन सत्यापन को पारदर्शी बनाने के लिए ई-शिक्षाकोष की तकनीकी टीम का सीधा सहयोग लिया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) नियमित तौर पर उपस्थिति आंकड़ों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जबकि क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक स्वयं इसकी साप्ताहिक समीक्षा करेंगे।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी कवायद का उद्देश्य शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान और उपस्थिति को एक फूलप्रूफ और नियमित व्यवस्था में तब्दील करना है, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी होते ही सिस्टम में अलर्ट जारी हो जाए और तत्काल कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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