एसी से सीधे जेल की फर्श तक पहुंचे DPO, भागलपुर में 98 लाख गबन मामले के आरोपितों की वार्ड-4 में कटी पहली रात
भागलपुर शिक्षा विभाग के 98.12 लाख रुपये के गबन मामले में गिरफ्तार डीपीओ शशि चंदन चौधरी और ऑपरेटर अविनाश राज ...और पढ़ें
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98 लाख रुपये के गबन मामले में कार्रवाई डीपीओ शशि चंदन चौधरी और ऑपरेटर अविनाश राज भेजे गए जेल
HighLights
डीपीओ और ऑपरेटर की पहली रात जेल में बेचैनी से कटी।
एसी के आदी दोनों को फर्श पर कंबल पर सोना पड़ा।
जेल प्रशासन द्वारा सामान्य बंदियों जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिला शिक्षा विभाग में हुए 98.12 लाख रुपये के बहुचर्चित गबन और फर्जीवाड़े के मामले में विशेष निगरानी अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेजे गए डीपीओ (स्थापना) शशि चंदन चौधरी और सेवामुक्त ऑपरेटर अविनाश राज की जेल की सलाखों के पीछे पहली रात काफी बेचैनी में गुजरी।
एसी और सुख-सुविधाओं के आदि रहे दोनों आरोपितों को जेल की फर्श पर बिछे कंबल पर अन्य आम बंदियों की तरह रात बितानी पड़ी। बेचैनी के कारण दोनों रात भर करवट बदलते रहे और उन्हें ठीक से नींद तक नहीं आई। हालांकि, उन्होंने शुक्रवार रात जेल पहुंचने से पहले बाहर ही भोजन कर लिया था।
भागलपुर जिला शिक्षा विभाग के 98.12 लाख रुपये के गबन मामले में गिरफ्तार डीपीओ स्थापना शशि चंदन चौधरी और ऑपरेटर अविनाश राज विशेष केंद्रीय कारा भेजे गए
जेल की पहली रात एसी संस्कृति के आदि रहे दोनों आरोपितों को फर्श पर कंबल बिछाकर बितानी पड़ी, नींद न आने से करवट बदलते रहे
जेल प्रशासन ने नियमानुसार शुक्रवार रात आमद वार्ड में रखने के बाद शनिवार को दोनों को वार्ड संख्या-चार में कराया शिफ्ट
जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा ने पुष्टि की कि अन्य विचाराधीन बंदियों की तरह ही दोनों को सामान्य नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है
जेल प्रशासन की ओर से नियमों का पालन करते हुए शुक्रवार की रात दोनों को पहले 'आमद वार्ड' में सुरक्षित रखा गया था, जिसके बाद शनिवार को उन्हें सामान्य प्रक्रिया के तहत वार्ड संख्या-चार में शिफ्ट करा दिया गया।
जेल अधीक्षक ने दी जानकारी; सामान्य बंदियों की तरह मिल रही हैं मानक सुविधाएं
पूछने पर विशेष केंद्रीय कारा के जेल अधीक्षक राजीव कुमार झा ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर लाए गए दोनों आरोपितों को जेल नियमावली के अनुसार अन्य सामान्य विचाराधीन बंदियों जैसी ही सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
शनिवार सुबह उन्हें अन्य बंदियों की तरह ही तय शिड्यूल के अनुसार नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया गया है। कड़े सुरक्षा पहरे और निगरानी के बीच दोनों को वार्ड-4 में रखा गया है, ताकि जेल की आंतरिक व्यवस्था और सुरक्षा में कोई व्यवधान न आए।
जोगसर पुलिस कर रही अन्य नामजद आरोपियों की तलाश; साक्ष्य जुटाने में जुटी टीम
उल्लेखनीय है कि जोगसर थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम दोनों को गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात गिरफ्तार करने के बाद लंबी पूछताछ के बाद शुक्रवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे विशेष केंद्रीय कारा लेकर पहुंची थी।
इससे पूर्व विशेष निगरानी न्यायाधीश दीपक कुमार के समक्ष दोनों को प्रस्तुत किया गया था, जहां दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया था।
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक के आवेदन पर दर्ज इस मामले में डीईओ चंदन कुमार, लिपिक शिशिर कुमार झा और ऑपरेटर की पत्नी समेत कुल छह लोगों को नामजद किया गया है। जोगसर थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस अन्य फरार या संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और गबन से जुड़े डिजिटल व कागजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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"शिक्षा विभाग गबन मामले में लाए गए दोनों आरोपितों (डीपीओ और ऑपरेटर) को पहले आमद वार्ड में रखा गया था, जिन्हें शनिवार को वार्ड संख्या-चार में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्हें जेल नियमावली के तहत अन्य सामान्य विचाराधीन बंदियों की तरह ही सुविधाएं दी जा रही हैं।"
