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घर में बज रही थी शहनाई, तभी हुआ अपहरण: पटना में बंधक बनाकर किया यौन शोषण, भागलपुर कोर्ट ने मो. सैफ को दी कठोर सजा

Published: Sun, 08 Nov 2026 03:14 PM (IST)

Bhagalpur SC ST Court Lifer to Md Saif Ali: भागलपुर की विशेष अदालत ने अनुसूचित जाति की युवती के अपहरण ...और पढ़ें

Bhagalpur SC ST Court Lifer to Md Saif Ali: भागलपुर में दलित युवती का अपहरण व यौन शोषण करने वाले मो. सैफ उर्फ आशिक अंसारी को उम्रकैद

Bhagalpur SC ST Court Lifer to Md Saif Ali: भागलपुर में दलित युवती का अपहरण व यौन शोषण करने वाले मो. सैफ उर्फ आशिक अंसारी को उम्रकैद

HighLights

  1. दोषी मोहम्मद सैफ अली को आजीवन कारावास की सजा।

  2. अनुसूचित जाति की युवती का अपहरण और यौन शोषण।

  3. एससी-एसटी एक्ट व बीएनएस के तहत 1.5 लाख जुर्माना।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur SC ST Court Lifer to Md Saif Ali: बिहार के भागलपुर जिले की एक विशेष अदालत ने अनुसूचित जाति की एक युवती का अपहरण कर उसके साथ धोखा और यौन शोषण करने वाले दोषी को कड़ी सजा सुनाते हुए समाज में कड़ा संदेश दिया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार सिंह की अदालत ने शनिवार को आरोपी मोहम्मद सैफ अली उर्फ मोहम्मद आशिक अंसारी को दोषी करार देते हुए कठोर उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने दोषी पर एससी-एसटी एक्ट सहित नव्य कानून 'भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023' की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 1.5 लाख रुपये का आर्थिक दंड (जुर्माना) भी लगाया है।

शादी की तैयारियों के बीच किया था अपहरण, पटना में रखा था छुपाकर

यह सनसनीखेज मामला भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र से संबंधित है, जो साल 2026 में घटित हुआ था। पीड़िता के घर में जब शादी की तैयारियां चल रही थीं और उत्सव का माहौल था, उसी दौरान अभियुक्त मोहम्मद सैफ अली (पिता मोहम्मद कासिम अंसारी, निवासी नवटोली, पीरपैंती) ने युवती को धोखे से अगवा कर लिया। वह पीड़िता को जबरन एक कार में बैठाकर पटना ले गया, जहां उसने उसे एक अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा और उसका लगातार यौन शोषण किया।

परिजनों की शिकायत पर पीरपैंती थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक व तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तकनीकी निगरानी के आधार पर पटना से अभियुक्त को धर दबोचा और पीड़िता को उसके चंगुल से सुरक्षित छुड़ाकर न्यायालय में पेश किया था।

बीएनएस की धाराओं में भी 7 और 10 साल की सजा, लगा भारी जुर्माना

विशेष अदालत में सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) रमेश चौधरी ने मजबूती से पक्ष रखा और पीड़िता के लिए कड़े न्याय की मांग की। अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद मोहम्मद सैफ को न केवल एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धारा 3(2)(v) के तहत उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई, बल्कि बीएनएस की धाराओं में भी कठोर कारावास की सजा मुकर्रर की।

अदालत ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 87 (महिला के प्रति क्रूरता) के तहत अभियुक्त को 7 साल की कठोर जेल और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही, धारा 69 (पहचान छुपाकर, शादी या धोखे के वादे पर यौन शोषण) के अंतर्गत 10 वर्ष की सश्रम कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि (कुल 1.5 लाख रुपये) जमा नहीं करता है, तो उसे हर धारा के लिए एक-एक वर्ष (कुल तीन वर्ष) की अतिरिक्त साधारण कैद काटनी होगी। हालांकि, न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और जेल में पहले से बिताई गई अवधि इसमें समायोजित की जाएगी।

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