अरविंद कुमार सिंह, जमुई : '...और बेगूसराय का कथित डान गुरुवार की रात जमुई पुलिस के हत्थे चढ़ गया। झाझा स्टेशन में गिरफ्तारी से चंद मिनट पहले ही नागा ने व्हाट्स एप पर गर्लफ्रेंड को डान फिल्म का डायलाग मैसेज कर खुद को डान बताया था। जब वह गर्लफ्रेंड से चैटिंग में मशगूल था तभी जमुई में उसकी गिरफ्तारी का जाल बुना जा रहा था। बहरहाल अल्प अवधि की सूचना में जमुई पुलिस की उपलब्धि काबिल-ए-तारीफ रही।

वैसे बिहट निवासी केशव उर्फ नागा की गिरफ्तारी के दौरान भले मौर्य एक्सप्रेस झाझा स्टेशन पर एक घंटा तीन मिनट तक खड़ी रही लेकिन गिरफ्तारी की औपचारिकता ट्रेन के प्लेटफार्म पर खड़ी होने के चंद मिनट बाद ही पूरी कर ली गई थी। दरअसल, रात के तकरीबन 9:00 बजे जमुई एसपी डा. शौर्य सुमन के मोबाइल की घंटी घनघनाती है। मौर्य एक्सप्रेस से नागा के फरार होने की सूचना के साथ उच्चाधिकारी का आदेश प्राप्त होता है। लेकिन, तब तक मौर्य एक्सप्रेस जमुई स्टेशन से आगे निकल चुकी थी। इस बीच एसपी रेल में कार्यरत अर्धांगिनी से भी थोड़ा सहयोग हासिल करते हैं और फिर झाझा पुलिस को टास्क सौंपते हुए स्वयं झाझा के लिए कूच कर जाते हैं। यहां झाझा पुलिस ने मुस्तैदी के साथ आरपीएफ और जीआरपी के सहयोग से पूरे स्टेशन को कब्जे में ले लिया। नाकेबंदी ऐसी की परिंदा पर नहीं मार सकता था।

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पहचान में कोई चूक न हो इसके लिए ट्रेन प्लेटफार्म पर आती उसके पहले ही सभी जवानों के मोबाइल पर नागा की तस्वीर शेयर कर दी गई। अब घड़ी में 9:15 बज चुके थे‌। मौर्य एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या दो पर आकर खड़ी हो गई थी। प्लान के मुताबिक कुछ देर तक पुलिस सिर्फ वाचफुल मोड में रही। यात्रियों के उतरने और चढ़ने का सिलसिला थम गया तो पुलिस ने ट्रेन के डब्बे में चप्पे-चप्पे पर नजर दौड़ानी शुरू की। इस बीच परिस्थितियों को भांपते हुए नागा विपरीत दिशा अर्थात तीन नंबर प्लेटफार्म की ओर उतर गया। इसी दौरान मौका देख कर प्लेटफार्म संख्या तीन पर तैनात पुलिस ने उसे दबोच लिया। इस बीच नागा के साथ चल रहा विपुल नामक युवक आसानी से यात्रियों की भीड़ में समा गया।

  • - केशव उर्फ नागा की झाझा स्टेशन पर गुरुवार की रात हुई गिरफ्तारी
  • - मौर्य एक्सप्रेस पर सवार होकर भाग रहा था रांची
  • - 01 घंटा 3 मिनट तक झाझा स्टेशन पर खड़ी रही मौर्य एक्सप्रेस
  • - गिरफ्तारी में जमुई पुलिस के साथ आरपीएफ और जीआरपी ने भी निभाई भूमिका
  • - नाकेबंदी में शामिल हर एक जवान के मोबाइल में थी नागा की तस्वीर
  • - बेगूसराय चर्चित गोलीकांड में पुलिस को शिद्दत से थी तलाश

फिलहाल पुलिस के पास नागा की ही सूचना और तस्वीर थी। लिहाजा विपुल की तलाश या गिरफ्तारी की ओर पुलिस का ध्यान होने का सवाल ही पैदा नहीं होता था। वह तो बाद में पूछताछ के दौरान किसी के साथ होने की बात बता रहा था। वैसे गोलीकांड में विपुल के सहभागी होने से नागा ने भी इनकार किया है। इधर पूरी कार्रवाई के दौरान स्टेशन पर आम यात्री सशंकित हो उठे और हर कोई जिज्ञासावश ट्रेन के रुके होने तथा पुलिस की बढ़ी सक्रियता का कारण जानने की कोशिश करते रहे।

  • चुनचुन कुमार, सुमित कुमार, केशव कुमार उर्फ नागा, युवराज उर्फ सोनू की गिरफ्तारी की गई है।

बेगूसराय एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि केशव कुमार उर्फ नागा ने कांड में अपनी संलिप्‍तता स्‍वीकार कर ली है। उसी की निशानदेही पर गोलीकांड के अन्य आरोपियों सुमित, युवराज और अर्जुन का नाम सामने आया है। इन्होंने इस वारदात को अंजाम देने के लिए पहले षड्यंत्र रचा था। वारदात में प्रयोग किए गए देसी तमंचे और बाइक बरामद की जा चुकी है। वारदात को अंजाम क्यों दिया गया? इसपर अनुसंधान जारी है। इधर पुलिसकर्मियों ने दबे मुंह बताया कि वर्चस्व बनाने के लिए चारों ने वारदात को अंजाम दिया है लेकिन इस पहलू पर आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

Edited By: Shivam Bajpai

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