जागरण टीम, खगड़िया: 'मुझे न छोड़ना, दर्द हो रहा है।' इसी आवाज के साथ ट्रेन में हाथों के सहारे लटके हुए एक शख्स का वीडियो तेजी के साथ इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ। मामले में जानकारी मिली कि ये शातिराना ढंग से मोबाइल चुराने वाले झपट्टा मार गैंग का सक्रिय सदस्य था, जो बेगूसराय से रात साढ़े 10 बजे चली समस्तीपुर-कटिहार पैसेंजर ट्रेन में एक महिला यात्री के मोबाइल फोन पर हाथ साफ करने वाला था लेकिन चलती ट्रेन में ऐसा करने वाले झपट्टा मार को अन्य सहयात्रियों ने पकड़ लिया। अब जब ट्रेन चल रही थी, तो यात्रियों ने उसे लटकाए रखा। इसके बाद उसे खगड़िया स्टेशन तक लाया गया।

बाद में क्या हुआ? 

खगड़िया स्टेशन पहुंचे उतरते ही यात्रियों ने सबसे पहले रेल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची रेल पुलिस ने झपट्टा मार को डिटेन कर लिया। झपट्टा मार से पूछताछ हुई। उसने अपनी पहचान बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल पश्चिम पंचायत स्थित नवटोलिया निवासी पंकज कुमार के रूप में दी। हैरान कर देने वाली बात ये रही कि साहेबपुर कमाल से झपट्टा मार पंकज उमेश नगर तक ट्रेन की खिड़की से लटकते आया, पर उसका न तो हाथ टूटा और न ही वो चोटिल हुआ। यहां जब खगड़िया जीआरपी ने उसकी मेडिकल जांच कराई, तो देह हाथ में सिर्फ दर्द की बात सामने आई।

मेडिकल जांच के बाद पंकज कुमार को खगड़िया जेल भेज दिया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए खगड़िया जीआरपी थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने बताया कि उसे यहां सन्हौली के सत्यम कुमार ने सौंपा। साथ में कई यात्री भी शामिल थे। पंकज कुमार पर 379, 411, 412 में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। उसके पास से एक पर्स और रुपये बरामद हुए हैं। खगड़िया मंडल कारा अधीक्षक ने बताया कि बंदी पंकज कुमार पूर्ण स्वस्थ है।

पंकज पर मर्डर का केस भी दर्ज है

खगड़िया जीआरपी थानाध्यक्ष ने बताया कि पंकज कुमार आदतन अपराधी है। उस पर साहेबपुर कमाल थाना में मर्डर का मामला दर्ज है। चोरी के दो मामले खगड़िया जीआरपी में और एक नवगछिया जीआरपी में भी दर्ज है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आया है।

फैक्ट चेक 

जिस महिला यात्री का फोन झपटने का प्रयास किया जा रहा था। उस महिला के स्वजन सन्हौली गांव निवासी सत्यम कुमार ने बताया कि ट्रेन चल रही थी इसलिए उसे पकड़े रखा लेकिन खगड़िया स्टेशन तक उसे ऐसे ही लटकाकर नहीं लाया गया। अगले स्टेशन उमेश नगर में उसे बोगी के अंदर बैठा लिया गया।

कैसे चोरी करते हैं मोबाइल फोन 

इस बाबत रेल पुलिसकर्मियों ने बताया कि हम ट्रेन में पैट्रोलिंग के दौरान यात्रियों को अगाह करते हैं कि अपना फोन खिड़की से दूर ही रखें। ट्रेन के रफ्तार पकड़ने से पहले झपट्टा मार बोगी की खिड़की से अटैक करते हैं। ये अपने काम में इतने माहिर होते हैं कि पलक झपकते ही ट्रेन की रफ्तार के साथ ही मोबाइल फोन पर हाथ साफ कर देते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि शातिर को जिस तरीके से पकड़ा गया है, वो उसी तरह खिड़की पकड़ कर फोन चोरी करने वाला था। यहां गनीमत रही कि इसके पास नुकीली चीज नहीं रही। पुलिस के मुताबिक, ऐसे झपट्टा मार हाथ में नुकीली पिन भी लिए रहते हैं यदि कोई इन्हें पकड़ने की कोशिश करता है तो वे इसी पिन के जरिए हमला कर आजाद हो निकलते हैं।

इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का बाजार रहा गर्म

गुरुवार को इस पूरे मामले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर छाया रहा। कोई इस कृत्य के पक्ष में दिखाई दिया तो कोई मानवीय मूल्य की बात करता रहा। कई तरह की प्रतिक्रिया आई। इस तरह फोन खोने के शिकार रहे लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई। अच्छे लाल यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मैंने भी इसी तरह अपने सेल फोन गंवा दिया। लेकिन ये दृश्य दर्दनाक है। जिंदगी इतनी सस्ती थोड़े न है।' पंकज कुमार सिन्हा लिखते हैं, 'दुखद जरूर है। पर क्राइम करने वाले सुधर क्यों नहीं रहे हैं? इसका दुख बहुतों को नजर आ रही है, पर क्या किसी ने विचार किया कि जिसकी सम्पत्ति ये झपट्टामार छीनकर ले जाते हैं, उसपर क्या बीतती होगी?'

Edited By: Shivam Bajpai

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