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उत्तर से दक्षिण बिहार अब और करीब, 2400 करोड़ का नया मोकामा रेल पुल तैयार; 3 ट्रैक से दौड़ेंगी ट्रेनें

Published: Mon, 05 Oct 2026 04:52 PM (IST)

मोकामा में नवनिर्मित रेल पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को नया विस्तार मिलेगा, जिससे सफर और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

उत्तर से दक्षिण बिहार अब और करीब, 2400 करोड़ का नया मोकामा रेल पुल तैयार; 3 ट्रैक से दौड़ेंगी ट्रेनें

उत्तर से दक्षिण बिहार अब और करीब, 2400 करोड़ का नया मोकामा रेल पुल तैयार; 3 ट्रैक से दौड़ेंगी ट्रेनें

HighLights

  1. मोकामा में 2400 करोड़ की लागत से नया रेल पुल चालू।

  2. उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।

  3. व्यापारिक गतिविधियों और पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा।

संवाद सूत्र, बरौनी (बेगूसराय)। गंगा नदी पर मोकामा में नवनिर्मित रेल पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को नया विस्तार मिलेगा। सफर के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), पूर्वी सर्किल, कोलकाता, गुरु प्रकाश ने शनिवार एवं रविवार को माल और यात्री परिवहन के लिए बनाए गए नवनिर्मित पुल, राजेंद्रपुल-हाथीदह ऊपर तथा विद्युतीकरण के साथ दोहरीकरण कार्य का निरीक्षण किया। सीआरएस से प्राधिकार प्राप्त होते ही नए पुल से रेल परिचालन संभव हो गया है।

24 सौ करोड़ की लागत से बनाया है पुल:

करीब 24 सौ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह नया रेल पुल वर्तमान राजेंद्र सेतु के समानांतर पटना छोर की तरफ करीब 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है। पुल पर दोहरी रेल लाइन बिछाई गई है। पूरी परियोजना करीब 15.5 किलोमीटर लंबी है, इसमें गंगा नदी पर 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल शामिल है।

मुख्य पुल में गंगा पर 17 स्टील स्पैन बनाए गए हैं। इसके अलावा 3.6 किलोमीटर लंबा रेल वायडक्ट भी परियोजना का हिस्सा है। परियोजना के तहत आठ लघु पुल, दो सड़क ऊपरी पुल और तीन रेल ओवर रेल का भी निर्माण किया गया है।

नए पुल की निर्माण योजना इस तरह तैयार की गई है कि मौजूदा राजेंद्र सेतु के एप्रोच में न्यूनतम बदलाव करना पड़े। पुल के उत्तर और दक्षिण छोर के स्टेशन भी मौजूदा रेल नेटवर्क से जुड़े रहेंगे। उत्तर में हाथीदह, टाल और रामपुर डुमरा तथा दक्षिण में राजेंद्रपुल और बरौनी स्टेशन से इसका संपर्क रहेगा।

तीन रेल लाइनों से बढ़ेगी ट्रेनों की क्षमता:

नवनिर्मित पुल पर दोहरी रेल लाइन के साथ पुराने राजेंद्र सेतु से भी रेल परिचालन जारी रहेगा। इससे गंगा पर इस रेल मार्ग में कुल तीन लाइनों की उपलब्धता हो जाएगी। इससे ट्रेनों के परिचालन में लचीलापन बढ़ेगा और माल एवं यात्री ट्रेनों के आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों तक कनेक्टिविटी को मिलेगा बल:

नए रेल पुल से उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ देश के पूर्वोत्तर हिस्सों के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। रेलवे ट्रैफिक में अनुमानतः ढ़ाई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है।

मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ने से माल ढुलाई के समय और लागत में कमी आएगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को भी गति मिलेगी।

नया मोकामा गंगा रेल पुल क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी के साथ व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।

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