बेगूसराय कोर्ट से फिल्मी अंदाज में भागा आरोपी, जमानत अर्जी खारिज होते ही पुलिस को चकमा देकर फरार
अवैध खनन का आरोपी अमित कुमार सिंह बेगूसराय व्यवहार न्यायालय में जमानत अर्जी खारिज होते ही पुलिस और न्यायालय को चकमा देकर फरार हो गया।

बेगूसराय कोर्ट
HighLights
अवैध खनन का आरोपी जमानत खारिज होने पर भागा।
बेगूसराय व्यवहार न्यायालय से पुलिस को चकमा देकर फरार।
न्यायालय लिपिक ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
जागरण संवाददाता, बेगूसराय। बेगूसराय व्यवहार न्यायालय में बुधवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब जमानत की उम्मीद लेकर न्यायालय में आत्मसमर्पण करने पहुंचा अवैध खनन का आरोपित जमानत याचिका खारिज होते ही पुलिस और न्यायालय को चकमा देकर फरार हो गया।
न्यायालय से बाहर निकलते ही आरोपित ने अचानक दौड़ लगा दी। देखते ही देखते वह न्यायालय परिसर से गायब हो गया। घटना के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद लोग भी हैरान रह गए।
मामले में न्यायालय के लिपिक नथुनी रजक ने नगर थाने में आरोपित अमित कुमार सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है। खास बात यह है कि जिस आरोपित को पकड़ने के लिए पुलिस तलाश कर रही थी, वह खुद ही जमानत लेने न्यायालय पहुंचा था, लेकिन जमानत नहीं मिली तो न्यायालय परिसर से ही फरार हो गया।
20 जनवरी को जब्त हुई थी जेसीबी और पांच ट्रैक्टर
अमित कुमार सिंह नावकोठी निवासी अरविंद सिंह उर्फ प्रीतम सिंह उर्फ परवीन सिंह का पुत्र बताया गया है। जिला खनन कार्यालय के पदाधिकारी चंदन कुमार आनंद ने 20 जनवरी को बूढ़ी गंडक नदी के पत्थरा घाट के समीप अवैध रूप से सफेद बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस दौरान एक जेसीबी और पांच ट्रैक्टर जब्त किए गए थे।
मामले में अमित कुमार समेत छह लोगों को नामजद करते हुए कुल नौ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से अमित कुमार फरार चल रहा था।
आत्मसमर्पण किया, लगा था जमानत मिल जाएगी
लगातार फरार रहने के बाद एक सितंबर को अमित कुमार अचानक न्यायालय पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया। इसके साथ ही उसने जमानत के लिए याचिका भी दाखिल की। उसे उम्मीद थी कि न्यायालय से उसे राहत मिल जाएगी।
अपराह्न करीब दो बजे जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। लेकिन न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद जैसे ही वह न्यायालय से बाहर निकला, उसने अचानक दौड़ लगा दी और फरार हो गया।
अधिवक्ता को उसे पेश कराने का निर्देश
आरोपित के इस तरह न्यायालय परिसर से फरार होने के बाद न्यायालय ने उसके अधिवक्ता को उसे दोबारा न्यायालय में उपस्थित कराने का निर्देश दिया। हालांकि, निर्देश के बावजूद अमित कुमार वापस न्यायालय नहीं पहुंचा। इसके बाद न्यायालय के लिपिक नथुनी रजक ने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
