निज प्रतिनिधि, बीहट (बेगूसराय) : उत्तर बिहार कौ राजधानी पटना से जोड़ने वाली गंगा नदी पर स्थित राजेन्द्र पुल की हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही है। इसकी दयनीय स्थिति को देखते हुए 16 टन से अधिक वाले वाहनों के परिचालन पर रोक है।

लेकिन स्थानीय पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से इस आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार अगर स्थिति ऐसी ही रही, तो आने वाले समय में इस पुल का भगवान ही मालिक है।

सूत्रों की माने तो जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग एवं रेलवे विभाग द्वारा रोक लगाये जाने के बाद भी 16 टन से अधिक के वाहनों का परिचालन जारी है। जबकि, रोक को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जीरोमाइल गोलंबर, बरौनी में पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की है।

सूत्रों के अनुसार 'लेनदेन' के आधार पर वजनी वाहनों को, खासकर रात्रि में पुल पार कराया जाता है।

इसको लेकर 100 से 500 रुपये तक वसूले जाते हैं। मालूम हो कि, पुल के रोडक्रास गार्डर 6 एवं 8 में दरार आ गया है। रेलवे विभाग द्वारा यहां मरम्मत कार्य चलाया जा रहा है। रेलवे सूत्रों के अनुसार करीब एक माह गार्डर को बदलने में लग सकता है।

अब जरा सदर एसडीओ सत्यप्रकाश मिश्र की सुनिए

'' भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई है। 16 टन से उपर के वाहन के गुजरने पर कार्रवाई की जायेगी। दोषी बख्शे नहीं जायेंगे।''

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