बेमौसम बारिश ने बढ़ाई बांका में किसानों की चिंता, 11 हजार हेक्टेयर में लगी धान की फसल बर्बाद
चक्रवाती तूफान अर्णब और बेमौसम बारिश ने बांका के शंभुगंज में किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया ...और पढ़ें

11 हजार हेक्टेयर में लगी धान की फसल बर्बाद
HighLights
चक्रवाती तूफान अर्णब ने धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया।
शंभुगंज में 11 हजार हेक्टेयर धान की फसल प्रभावित हुई।
किसान कर्ज और परिवार के भरण-पोषण को लेकर चिंतित।
संवाद सहयोगी, शंभुगंज (बांका)। चक्रवाती तूफान अर्णब ने किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों से तेज हवा के साथ हो रही बारिश ने खेतों में पककर तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जगह फसल जमीन पर बिछ गई है।
छठ के बाद कटनी शुरू करने की तैयारी कर रहे किसानों के सामने अब फसल बचाने की चुनौती है। अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बारिश और तेज हवा से फसल को नुकसान
कुर्मा गांव के किसान राजाराम सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब पांच बीघे में धान की खेती की थी। फसल पूरी तरह तैयार थी और छठ के बाद कटनी शुरू करने की योजना थी, लेकिन बारिश और तेज हवा से फसल को नुकसान पहुंचा।
करसोप गांव के किसान अजय यादव की करीब एक बीघे में लगी धान की फसल जमीन पर गिर गई है। केशोपुर के मंटू दास की परेशानी भी गंभीर है। उन्होंने महाजन से कर्ज लेकर बटाई पर करीब दो बीघे में खेती की थी।
भरण-पोषण करने की चिंता सता रही
फसल पककर तैयार थी और कटनी की तैयारी चल रही थी, लेकिन तेज हवा और बारिश ने पूरी फसल खेत में बिछा दी। अब उन्हें कर्ज चुकाने और परिवार का भरण-पोषण करने की चिंता सता रही है।
प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश गांवों में धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। इस बार शंभुगंज प्रखंड में करीब 11 हजार हेक्टेयर भूमि पर खरीफ फसलों की खेती हुई है। किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन मौसम की बेरुखी से उन्हें झटका लगा है।
प्रखंड कृषि पदाधिकारी संकेत तिवारी ने बताया कि फिलहाल फसलों को आंशिक क्षति होने की जानकारी मिली है। कृषि कर्मियों को खेतों में जाकर फसल क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया जाएगा।
कटोरिया में भी मौसम का असर
गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। शाम ढलने के बाद बारिश तेज हो गई। तेज हवा और बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को ठंड महसूस होने लगी। मौसम में अचानक आए बदलाव का असर जनजीवन पर भी पड़ा।
गुरुवार शाम कटोरिया बाजार और आसपास के इलाकों में लोगों की आवाजाही कम रही। मौसम विभाग के अनुसार दो नवंबर तक कटोरिया सहित आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान तेज हवा चलने और तापमान में और गिरावट आने का अनुमान है।
खेतों में तैयार धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार तीन नवंबर से मौसम में सुधार और आसमान साफ होने की संभावना है।
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