बांका में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी, तेलडीहा मंदिर के पास बदुआ नदी पर बनेगा 37 करोड़ का चेक डैम
शंभुगंज (बांका) में प्रसिद्ध तेलडीहा दुर्गा मंदिर के पास बदुआ नदी पर 37.09 करोड़ रुपये की लागत से भव्य चेक ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
बदुआ नदी पर 37.09 करोड़ का चेक डैम बनेगा।
यह परियोजना धार्मिक पर्यटन और जल संरक्षण बढ़ाएगी।
तेलडीहा मंदिर क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी।
संवाद सहयोगी, शंभुगंज (बांका)। प्रसिद्ध तेलडीहा दुर्गा मंदिर के समीप बदुआ नदी के दिन बहुरने वाले हैं। इस क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और अधिक व्यापक बनाते हुए नदी पर 37.09 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य चेक डैम का निर्माण कराया जाएगा।
इसके साथ ही नदी के किनारे आकर्षक पाथवे का भी निर्माण होगा। लघु जल संसाधन विभाग की इस सौगात को बिहार मंत्रिमंडल से प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में जल संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है।
स्थानीय विधायक सह पूर्व मंत्री जयंत राज कुशवाहा ने इस बड़ी योजना की स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री और सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की भौगोलिक एवं धार्मिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है, जिससे तेलडीहा की पहचान राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।
वर्षभर पानी की उपलब्धता और नौका विहार की राह आसान
योजना के प्रावधानों के अनुसार, चेक डैम के बन जाने से बदुआ नदी के ऊपरी हिस्से में प्रचुर मात्रा में पानी का संचयन हो सकेगा। इससे गर्मी के दिनों में भी नदी सूखी नहीं रहेगी और वर्षभर पानी उपलब्ध रहने की संभावना पुख्ता होगी।
पर्याप्त जलराशि उपलब्ध होने से भविष्य में नदी में नौका विहार (Boating) जैसी आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा, नदी किनारे पाथवे का निर्माण होने से दूर-दूर से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में भारी सुविधा मिलेगी।
14 करोड़ की लागत से रिवर फ्रंट का काम पहले से जारी
तेलडीहा मंदिर के विकास को लेकर सरकार पहले से ही गंभीर रही है। मंदिर के समीप बदुआ नदी के तट पर करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट का निर्माण कार्य पहले से ही प्रगति पर है।
अब इस नई श्रृंखला में चेक डैम और पाथवे की स्वीकृति जुड़ जाने से विकास कार्यों का दायरा और अधिक विस्तृत हो गया है। इन तमाम परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर व्यापार, स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
