असली बना दारोगा; नकली बना बांका में सरकारी टीचर, 10 साल तक बंद रहा वेतन और अब सेवा से छुट्टी
बांका में एक फर्जी शिक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जिसने एक पुलिस इंस्पेक्टर के नाम और पते का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल की थी।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
फर्जी शिक्षक ने पुलिस इंस्पेक्टर की पहचान का उपयोग किया।
बांका शिक्षा विभाग ने 10 साल बाद सेवा से बर्खास्त किया।
जांच में गंभीर अनियमितताएं और दस्तावेज़ों में विसंगतियां मिलीं।
जागरण संवाददाता, बांका। रांची में पदस्थापित पुलिस इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नाम-पते का इस्तेमाल कर शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले फर्जी व्यक्ति को शिक्षा विभाग बांका ने शुक्रवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
मामला संज्ञान में आने के बाद से ही शिक्षा विभाग ने पिछले 10 साल से उसका वेतन बंद कर रखा था। जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित की ओर से जारी कार्यालय आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से सहायक शिक्षक के पद से बर्खास्त किया गया है। मनोज कुमार वर्तमान में अभी बाराहाट के प्रोन्नत मध्य विद्यालय नगरी जानूकित्ता में कार्यरत थे।
विभागीय आदेश के अनुसार, मनोज कुमार पर 1994 में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल अभ्यर्थी के नाम, पता और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का फर्जी इस्तेमाल कर नौकरी प्राप्त करने का आरोप था।
इस मामले में मोहनपुर थाना में कांड संख्या 216/23 दर्ज है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सीसीआर रांची की ओर से भी इस संबंध में जांच की गई थी।
मामले में पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और विभागीय जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में मूल रूप से सफल अभ्यर्थी मनोज कुमार ने परीक्षा में सफलता के बाद शिक्षक पद पर योगदान नहीं किया, बल्कि वर्ष 1994 में बिहार पुलिस सेवा में आरक्षी अवर निरीक्षक के पद पर योगदान कर लिया।
इसके बावजूद उनके नाम और प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कर बांका में कोई फर्जी मनोज कुमार बनकर शिक्षक की नौकरी करने लगा।
विभाग ने मांगे थे मूल दस्तावेज
विभाग ने संबंधित शिक्षक से शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, मैट्रिक और इंटर के प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा अन्य मूल दस्तावेज मांगे थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत कई बार सूचना देने के बाद भी वे संतोषजनक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। विभागीय जांच में उपलब्ध अभिलेखों और पते में भी विसंगतियां पाई गईं।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सह संचालन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई पूरी की गई।
इसके बाद बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14(1) के तहत मनोज कुमार को सहायक शिक्षक के पद से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
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