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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Kisan News: खुले बाजार में ज्यादा कीमत पर गेहूं बेच रहे किसान, समर्थन मूल्य पर पर बेचने से कर रहे परहेज

Published: Tue, 13 May 2025 02:18 PM (IST)

बांका में गेहूं खरीद की गति धीमी है क्योंकि किसान खुले बाजार में अधिक कीमत पर गेहूं बेच रहे हैं। ...और पढ़ें

खुले बाजार में गेहूं बेच रहे किसान (जागरण)
खुले बाजार में गेहूं बेच रहे किसान (जागरण)

HighLights

  1. एमएसपी से ज्यादा खुले बाजार में कीमत
  2. गेहूं खरीद लक्ष्य से बहुत पीछे
  3. पिछले साल भी खरीद कम हुई

संवाद सूत्र, बांका। एक अप्रैल से शुरु हुई गेहूं खरीद की रफ्तार काफी धीमी है। विभाग ने एमएसपी पर गेहूं खरीद के लिए 15 जून तक का समय निर्धारित किया है। 40 दिन समय बीतने के बाद भी अब तक महज 23 किसानों ने 22 एमटी गेहूं बेचा है।

जबकि, इस बार एमएसपी पर गेहूं की खरीदारी के लिए 113 समितियों का चयन किया गया है। इसमें से कई ऐसी समितियां हैं, जहां पर एक भी किसानों से गेहूं की खरीदारी नहीं की गई है।

गेहूं कटाई का काम 15 दिन पहले ही पूरा हो चुका है

जिले में गेहूं कटाई का काम 15 दिन पहले ही पूरा हो चुका है। बेमौसम बारिश के कारण कुछ प्रखंडों में किसानों को नुकसान हुआ है, लेकिन जिन किसानों ने पहले कटाई कर ली है, वे भी पैक्स और व्यापार मंडलों में गेहूं नहीं बेच रहे हैं। एमएसपी की जगह किसान खुले बाजार में उसे ज्यादा कीमत पर बेच रहे हैं।

इस साल गेहूं की खरीदारी किसानों से 2425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। यानि किसानों को प्रति क्विंटल पिछले वर्ष की तुलना में 150 रुपए की दर से अधिक भुगतान हो रहा है, लेकिन खुले बाजार में किसानों को प्रति क्विंटल 2500 से 2700 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास कीमत मिल रही है।

ऐसे में बाजार भाव ज्यादा होने के कारण सरकारी एजेंसी द्वारा गेहूं खरीद की रफ्तार काफी धीमी है। ज्ञात हो कि 31 हजार 280 क्विंटल गेहूं खरीद के लक्ष्य में अब तक महज 22 एमटी खरीद हुई है।

पिछले चार साल से यही स्थिति

पैक्सों और व्यापार मंडलों में गेहूं खरीद की स्थिति पिछले तीन साल से यही है। किसान एमएसपी पर गेहूं बेचने की जगह खुले बाजार में गेहूं बेच रहे हैं।

दरअसल, बाजार में किसानों को अच्छी कीमत मिल जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका था। तीन हजार क्विंटल की जगह महज 67 एमटी खरीद हो सकी थी।

वित्तीय वर्ष 2021-22 में 61 समितियों के माध्यम से 1471 किसानों ने 6677 एमटी गेहूं बेचा था। इसके बाद से एमएसपी पर किसान गेहूं बेचने में रुचि नहीं ले रहे हैं।

इस साल एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए जिले के 477 किसानों ने आनलाइन आवेदन किया है। इसमें से 344 रैयत और 133 गैर रैयत किसान शामिल हैं।

40 हजार हेक्टेयर में हुई है खेती

करीब 40 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई थी। पर मौसम का साथ नहीं मिलने के कारण उत्पादन प्रभावित हुई है। धूप में तल्खी और गर्म पछुआ हवाओं के चलने से गेहूं की फसल समय से पहले पककर तैयार हो गई थी। इसके बाद बेमौसम बारिश ने भी किसानों को नुकसान पहुंचाया है।

हालांकि, बेमौसम बारिश से फसल को हुए नुकसान का आकलन कृषि विभाग कर रहा है। रिपोर्ट एक से दो दिन के अंदर तैयार हो जाएगाी। इसके बाद उस रिपोर्ट को विभाग को भेजा जाएगा। 

गेहूं खरीद की स्थिति

वित्तीय वर्ष- खरीदारी

2025-26 - 22 एमटी

2024-25- 67 एमटी

2023-24- 07 एमटी

2022-23- 00 एमटी

2021-22- 6677 एमटी

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