विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गांव की बेटी को सलाम : बांका की रूपा का टीम इंडिया में चयन, एशियन विमेंस सॉफ्टबॉल कप में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

Published: Thu, 05 Nov 2026 07:15 AM (IST)

Banka Roopa Kumari Softball: बांका जिले की रूपा कुमारी का चयन एशियन यूनिवर्सिटीज विमेंस सॉफ्टबॉल कप 2026 के लिए भारतीय ...और पढ़ें

Banka Roopa Kumari Softball: बांका के भेड़ामोड़ की रूपा कुमारी का भारतीय महिला सॉफ्टबॉल टीम में चयन

Banka Roopa Kumari Softball: बांका के भेड़ामोड़ की रूपा कुमारी का भारतीय महिला सॉफ्टबॉल टीम में चयन

HighLights

  1. रूपा कुमारी का भारतीय महिला सॉफ्टबॉल टीम में चयन।

  2. एशियन यूनिवर्सिटीज विमेंस सॉफ्टबॉल कप 2026 में करेंगी प्रतिनिधित्व।

  3. मां के सहयोग से अभावों के बावजूद हासिल की सफलता।

संवाद सूत्र, बाराहाट (बांका)। Banka Roopa Kumari Softball: बेटियों को अगर अवसर और परिवार का संबल मिले, तो वे अभावों की बेड़ियों को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का परचम लहरा सकती हैं। इसकी मिसाल बांका जिले के बाराहाट प्रखंड अंतर्गत भेड़ामोड़ गांव की होनहार बेटी रूपा कुमारी ने पेश की है।

रूपा का चयन एशियन यूनिवर्सिटीज विमेंस सॉफ्टबॉल कप 2026 के लिए भारतीय महिला सॉफ्टबॉल टीम (Team India) में किया गया है। इस उपलब्धि से न केवल भेड़ामोड़ गांव बल्कि पूरे बांका जिले और बिहार में खुशी व गर्व की लहर दौड़ गई है।

नेवी ब्लू ब्लेजर पहनते ही छलक पड़े खुशी के आंसू

भारतीय टीम में चयन के बाद जब रूपा कुमारी ने भारतीय महिला सॉफ्टबॉल टीम का आधिकारिक नेवी ब्लू ब्लेजर धारण किया, तो उनके और उनके पूरे परिवार की आंखों में वर्षों के कड़े संघर्ष और तपस्या की दास्तान छलक उठी।

खेल के मैदान पर रूपा का समर्पण और गेंद पर उनकी अचूक पकड़ देखते ही बनती है। अपनी सफलता पर भावुक होते हुए रूपा ने कहा, "यह कहानी हम सभी ग्रामीण बेटियों के लिए एक संदेश है—हमारा गांव छोटा हो सकता है, लेकिन हमारी सोच और सपने कभी छोटे नहीं होने चाहिए।"

चीन के बाद अब ताइवान के मैदान पर जलवा दिखाने को तैयार

रूपा कुमारी की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का कड़ा अनुशासन और पसीना है। राष्ट्रीय स्तर पर चयन से पूर्व उन्होंने कोपरगांव-शिरडी (महाराष्ट्र) में आयोजित विशेष राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में कड़ा अभ्यास किया।

इससे पहले वे चीन के वेईहाई में आयोजित अंडर-15 एशिया कप तथा ताइवान के पुली में आयोजित एशियन यूनिवर्सिटीज कप में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। अब एक बार फिर वे अंतरराष्ट्रीय फलक पर भारतीय टीम की ओर से मुख्य भूमिका निभाएंगी।

मां पुष्पा देवी का अटूट भरोसा बना सफलता की ढाल

रूपा की इस अभूतपूर्व उड़ान के पीछे उनकी मां पुष्पा देवी का अद्वितीय योगदान और संघर्ष रहा है। अभावों और सीमित संसाधनों के बीच भी मां ने कभी बेटी के हौसले को टूटने नहीं दिया। मां पुष्पा देवी का कहना है, "रूपा बचपन से ही कुछ अलग करने का जज्बा रखती थी।

खेल के प्रति उसका जुनून देखकर मुझे पूरा भरोसा था कि वह एक दिन पूरे देश में नाम रोशन करेगी। उसने बहुत करीब से संघर्ष झेला है। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उसे देखना मेरे लिए जीवन का सबसे बड़ा गौरव है।" उन्होंने समाज की सभी माताओं से अपील की कि वे अपनी बेटियों के सपनों को कभी छोटा न समझें और उन पर भरोसा रखें।

 

यह भी पढ़ें- किराए के मकान से कृषि विज्ञानी बनने तक का सफर! BAU सबौर की डॉ. सुदेशना ने बदली तकदीर, अब मां को देना चाहती हैं घर

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।