बिहार में पशुपालन सिलाई-कढ़ाई, फूड प्रोसेसिंग से बढ़ेगी कमाई, बांका में 61 जीविका समूहों को 1.08 करोड़ का ऋण
बांका में जीविका और IDBI बैंक ने 61 स्वयं सहायता समूहों को 1.08 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया, जिससे ...और पढ़ें

बांका नगर भवन में दीप जलाकर मेगा ऋण वितरण शिविर का उद्घाटन करते डीएम अंशुल अग्रवाल।
HighLights
बांका में 61 जीविका समूहों को 1.08 करोड़ ऋण मिला।
महिलाओं को कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण में सशक्त करेगा।
डीएम ने समय पर ऋण चुकाने की सलाह दी।
संवाद सूत्र, बांका। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शुक्रवार को बांका शहर के नगर भवन में एक मील का पत्थर साबित होने वाला कार्यक्रम आयोजित हुआ।
'जीविका' और आईडीबीआई (IDBI) बैंक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेगा ऋण वितरण शिविर में जिले के 61 स्वयं सहायता समूहों (SHG) की जीविका दीदियों को कुल 1.08 करोड़ रुपये की ऋण राशि के चेक सौंपे गए।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल तथा IDBI बैंक के कार्यपालक निदेशक डॉ. कुमार नील लोहित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जीविका दीदियों ने मनमोहक स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
आयवर्धक गतिविधियों के लिए समय पर किस्त चुकाने की सलाह
समारोह को संबोधित करते हुए डीएम अंशुल अग्रवाल ने बांका की महिलाओं के अथक प्रयासों, लगन और उनके अनुशासित वित्तीय व्यवहार की मुक्तकंठ से सराहना की।
उन्होंने जीविका दीदियों को सलाह दी कि वे इस प्राप्त ऋण राशि का उपयोग केवल घरेलू कार्यों में न करके कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), सिलाई-कटाई और हस्तशिल्प जैसे आयवर्धक व स्वरोजगार वाले उद्यमों में करें। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि समय पर ऋण की किस्तों का भुगतान करने से बैंकों के साथ समूहों का साख (क्रेडिट) मजबूत होता है।
इस अवसर पर विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ी जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए विशेष प्रदर्शनी स्टालों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया और महिलाओं को अपना व्यवसाय विस्तार करने के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिए। उत्कृष्ट कार्य करने वाली दीदियों और जीविका कर्मियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
जिले में 26,543 समूहों को मिल चुका है 1155 करोड़ से अधिक का लोन
बांका जिले में जीविका की सफलता का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में जिले के 3.25 लाख से अधिक परिवार जीविका के नेटवर्क से जुड़कर अपनी आजीविका संवार रहे हैं।
संस्थागत आंकड़ों के अनुसार, अब तक बांका जिले में विभिन्न वित्तीय बैंकों के सहयोग से कुल 26,543 स्वयं सहायता समूहों को 1,155.6 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ऋण राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिली है।
कार्यक्रम के दौरान जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) राकेश कुमार, वित्तीय समावेशन प्रबंधक जय कुमार और प्रखंड परियोजना प्रबंधक (BPM) अजय कुमार सिंह सहित बैंक व जीविका के कई अन्य अधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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"जीविका दीदियों का वित्तीय अनुशासन और स्वरोजगार के प्रति समर्पण सराहनीय है। 1.08 करोड़ रुपये का यह ऋण महिलाओं को कृषि, पशुपालन और सूक्ष्म उद्योगों के जरिए अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा। सरकार का लक्ष्य हर ग्रामीण महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।"
