बांका: प्रशासन ने नहीं ली सुध तो खुद उठाया फावड़ा, श्रमदान से सुधारी बदहाल सड़क
बांका के कटोरिया स्थित कड़वामारनी गांव में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर सड़क की मरम्मत की।

श्रमदान करते ग्रामीण। फोटो जागरण
HighLights
कड़वामारनी गांव में ग्रामीणों ने श्रमदान से सड़क सुधारी।
नदी पर पुल न होने से आवागमन में भारी परेशानी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल निर्माण की मांग की।
संवाद सूत्र, कटोरिया (बांका)। कड़वामारनी गांव में सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को श्रमदान कर सड़क की मरम्मत की।
करीब 25 ग्रामीणों ने सुबह से चार घंटे तक मेहनत कर सड़क को आवागमन के लायक बनाया। हालांकि, नदी के हिस्से में करीब 300 मीटर सड़क का निर्माण अधूरा है और पुल निर्माण का कार्य भी अब तक लंबित है।
ग्रामीणों ने बताया कि नदी पर पुल नहीं बनने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी होती है। खासकर बरसात के दिनों में स्थिति गंभीर हो जाती है।
ऐसे में ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से सड़क की मरम्मत कर तत्काल राहत देने की कोशिश की। बावजूद इसके, पुल के अभाव में आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
श्रमदान में रविकांत, नवीन मंडल, जितेंद्र मंडल, राजेश मंडल, अनिल मंडल, निरंजन मंडल, वीरेंद्र मंडल, मनोज मंडल, ब्रह्मदेव मंडल, रंजीत मंडल, सुधीर मंडल, चिंटू कुमार, नरोत्तम मंडल, धनंजय मंडल, गोलू, डुगू, दीपक, अभिषेक, निप्पु और संतोष सहित अन्य ग्रामीणों ने सहयोग किया।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से अधूरे सड़क निर्माण कार्य को पूरा कराने तथा नदी पर पुल निर्माण की दिशा में पहल करने की मांग की है।
उनका कहना है कि पुल बनने से गांव के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी और बरसात के दौरान होने वाली परेशानी से भी निजात मिल सकेगी।
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