औरंगाबाद में वैक्सीन के नाम पर पैसे लेती ANM का वीडियो वायरल, विभाग ने की कार्रवाई
औरंगाबाद में मुफ्त टीकाकरण के बावजूद वैक्सीन लगाने के लिए पैसे लेने का मामला सामने आया है। एएनएम बेबी कुमारी ...और पढ़ें
HighLights
एएनएम बेबी कुमारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
मुफ्त टीकाकरण के लिए पैसे लेने का आरोप लगा।
स्वास्थ्य विभाग ने वेतन रोका, जांच टीम गठित की।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में मुफ्त टीकाकरण की सुविधा के बावजूद वैक्सीन लगाने के नाम पर पैसे लेने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एएनएम बेबी कुमारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
डीएम ने मामले को संज्ञान में लिया और तत्काल कार्रवाई करने के लिए सीएस को आदेश दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने संबंधित एएनएम बेबी कुमारी का वेतन बंद कर दिया है।
वहीं, उपाधीक्षक ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर संबंधित एएनएम के विरुद्ध निलंबन सहित अन्य सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएस ने जांच के लिए एक टीम गठित की है। टीम को दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएस का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कर्मी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एएनएम की प्रतिनियुक्ति समाप्त
वीडियो वायरल होने के बाद एएनएम बेबी कुमारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तेज कर दी गई है। उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई है और उन्हें देव प्रखंड के एपीएचसी बिजौली में तैनात किया गया है।
विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिसका जवाब दो दिनों के भीतर देना है।
निलंबन के लिए विभाग को लिखा जाएगा पत्र
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एएनएम के निलंबन और अन्य सख्त कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
इसके अलावा मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की भी तैयारी है। इसके लिए डीएम से अनुमति लेने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही या अनियमितता करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई
फिलहाल पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में वीडियो की सत्यता और लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएस का कहना है कि टीकाकरण जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक बिना किसी अनुचित शुल्क के पहुंचना चाहिए। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
