विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

विद्या भारती के मंच पर दिखी भारतीय संस्कृति और बिहार का लोक पर्व, धोती-साड़ी में अभिनय पर लोग बोले- वाह... शानदार!

Published: Fri, 06 Nov 2026 02:31 PM (IST)

Chhath Puja And Diwali Celebration: विद्या भारती के शिक्षण संस्थानों में छात्रों ने पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा का मंचन ...और पढ़ें

Chhath Puja And Diwali Celebration: अरर‍िया में सांस्‍कृत‍िक कार्यक्रम के दौरान छठ की प्रस्‍तु‍त‍ि।

Chhath Puja And Diwali Celebration: अरर‍िया में सांस्‍कृत‍िक कार्यक्रम के दौरान छठ की प्रस्‍तु‍त‍ि।

HighLights

  1. छात्रों ने पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा का मंचन किया।

  2. कृत्रिम छठ घाट पर सूर्योपासना और लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए।

  3. बिहार की समृद्ध संस्कृति और सनातन परंपरा को दर्शाया गया।

जागरण टीम, अररिया/पूर्णिया। Chhath Puja And Diwali Celebration: दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ की पूर्व संध्या पर सीमांचल के अररिया और पूर्णिया जिले में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्या भारती से संबद्ध शिक्षण संस्थानों में आयोजित विशेष कार्यक्रमों के दौरान छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर न केवल छठ महापर्व की महत्ता को मंच पर उतारा, बल्कि बिहार की समृद्ध लोक कला और सनातन संस्कृति को जीवंत कर दिया।

फारबिसगंज (अररिया) में जहां विद्यालय परिसर में कृत्रिम छठ घाट बनाकर विधिवत सूर्योपासना का मंचन किया गया, वहीं बड़हरा कोठी (पूर्णिया) में छात्राओं के भावपूर्ण अभिनय और पारंपरिक गीतों की धुन ने उपस्थित अभिभावकों और दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

Vidya Bharati Students Revive Chhath Puja Bihar Culture (1)

फारबिसगंज में बना कृत्रिम घाट

फारबिसगंज स्थित श्री रानी सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में गुरुवार को छठ पूजा की सजीव झांकी प्रस्तुत की गई। पारंपरिक साड़ी और धोती-कुर्ता में सजे छात्र-छात्राओं ने छठ व्रतियों की भूमिका निभाते हुए वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। विद्यालय परिवार के मार्गदर्शन में परिसर में एक आकर्षक कृत्रिम छठ घाट तैयार किया गया था।

Vidya Bharati Students Revive Chhath Puja Bihar Culture (2)

अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य को दिया अर्घ्य

यहां एक समूह ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया, जबकि दूसरे समूह ने उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर संपूर्ण समाज के कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों ने ‘कांच ही बांस के बहंगिया’ और ‘उगो हो सूरज देव’ जैसे पारंपरिक छठ गीतों पर सधे हुए अंदाज में प्रस्तुतियां दीं।

Vidya Bharati Students Revive Chhath Puja Bihar Culture (3)

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या आगमन पर आधारित आकर्षक झांकी के साथ हुई। इसके बाद छात्राओं ने बिहार की लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले झिझिया नृत्य और मिथिलांचल की प्रसिद्ध परंपरा सामा-चकेवा लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर पूरे माहौल को सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर कर दिया।

Vidya Bharati Students Revive Chhath Puja Bihar Culture (4)

पूर्णिया के बड़हरा कोठी में छात्राओं का शानदार अभिनय

उधर, पूर्णिया के बड़हरा कोठी प्रखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु मंदिर (वासुदेवपुर) के प्रांगण में भी छठ महापर्व एवं दीपोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने छठ व्रतियों की पारंपरिक वेशभूषा—पीली-लाल साड़ियां, मांग में सिंदूर और हाथों में पूजा का सूप व दउरा लेकर मंच पर कदम रखा।

छात्राओं ने पारंपरिक छठ गीतों पर भावपूर्ण नृत्य और सजीव झांकियों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पंडाल में उपस्थित हर दर्शक के मुंह से अनायास ही ‘वाह! शानदार अभिनय’ निकल पड़ा। अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में बच्चियों द्वारा छठ के कठिन अनुष्ठानों को इतनी बारीकी से मंच पर प्रस्तुत करना प्रशंसनीय है।

नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ना ही शिक्षा का ध्येय

आयोजन के अवसर पर लोक शिक्षा समिति, बिहार के संरक्षक रामकुमार केसरी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, सनातन मूल्यों और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ना भी है।

Vidya Bharati Students Revive Chhath Puja Bihar Culture (5)

सह सचिव राकेश रोशन, कोषाध्यक्ष प्रताप नारायण मंडल और प्रबंधकारिणी के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि छठ महापर्व प्रकृति, स्वच्छता और सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में पारंपरिक संस्कारों के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है।

दोनों आयोजनों में गणमान्य लोगों की रही गरिमामयी उपस्थिति

अरर‍िया के फारबिसगंज में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के संरक्षक डॉ. विमल कांत ठाकुर, उपाध्यक्ष मोतीलाल शर्मा, अनीता झा, सदस्य गुंजन सिंह, डॉ. मुन्ना, सूर्य नारायण पटेल, प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिंह, रामनरेश सिंह सहित विद्यालय के सभी आचार्य उपस्थित रहे।

वहीं, बड़हरा कोठी में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अवधेश जायसवाल, उपाध्यक्ष अरुण कुमार झा, समिति सदस्य कपिलेश्वर पोद्दार, सुरेश्वर महतो, प्रधानाचार्य सुनील कुमार प्रसाद, आचार्य कमलेश कुमार, अरविंद कुमार वर्मा, संजीव कुमार सिंह, रितेश कुमार पाण्डेय, दीपक कुमार, किशन कुमार, गोविंद कुमार, मनीष कुमार, नितीश कुमार, अखिलेश झा, रामदेनी यादव, रमण कुमार, रजनीगंधा, मोनिका शैलेश, बबीता कुमारी, प्रियांशी सिन्हा, शताक्षी प्रीतम एवं परी भारती सहित सैकड़ों अभिभावक व स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- सनातन धर्म में यज्ञ का क्या है महत्व? भागलपुर में साध्वी कावेरी प्रज्ञा ने खोले कई रहस्य, कल्याण के लिए दिए यह मंत्र

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।