अररिया की सविता ठाकुर ने बदली हजारों बेटियों की तकदीर, सिलाई-बुटीक के हुनर से विदेशों तक पहुंची सुजनी आर्ट
अररिया की सविता ठाकुर ने हजारों महिलाओं को सिलाई, बुटीक और सौंदर्य प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है।

आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण देतीं प्रशिक्षिका सविता ठाकुर
HighLights
सविता ठाकुर ने हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।
सिलाई, बुटीक, सौंदर्य प्रशिक्षण से महिलाएं कमा रहीं 10-15 हजार।
सुजनी आर्ट को राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान।
संवाद सूत्र,फारबिसगंज (अररिया)। घर की ड्योढ़ी और सामाजिक सीमाओं को लांघकर आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। बुलंद हौसलों और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अररिया जिले की बेटियां कदम-दर-कदम आगे बढ़ रही हैं।
इसी कड़ी में समाज सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में समर्पित प्रशिक्षिका सविता ठाकुर आज पूरे इलाके के लिए प्रेरणास्त्रोत बन चुकी हैं।
फारबिसगंज सहित पूरे जिले की महिलाओं और युवतियों को स्वावलंबन के मार्ग पर अग्रसर करते हुए सविता ठाकुर नारी शक्ति की नई इबारत लिख रही हैं।
अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित फैंसी मार्केट के समीप संचालित प्रशिक्षण संस्थान से हजारों महिलाएं और युवतियां बन रही हैं आत्मनिर्भर
प्रशिक्षिका सविता ठाकुर वर्ष 2011 से चला रही हैं सेंटर; सिलाई-कढ़ाई, बुटीक, खिलौना निर्माण और सौंदर्य प्रशिक्षण का दे रही हैं हुनर
संस्थान से प्रशिक्षित करीब 1200 महिलाएं आज स्वरोजगार के जरिए 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमाकर परिवार को दे रही हैं संबल
सुजनी आर्ट को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली सविता ठाकुर इंडिया स्टाइल फैशन वीक और मंत्री लेसी सिंह द्वारा हो चुकी हैं सम्मानित
वह सिलाई-कढ़ाई से लेकर हाथों से निर्मित परिधानों के गुर सिखाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं, जिससे वे घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर सामाजिक और आर्थिक विकास में अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं।
15 वर्षों से चल रहा प्रशिक्षण संस्थान; हजारों महिलाएं सीख चुकी हैं सिलाई, बुटीक और सौंदर्य कला
फारबिसगंज शहर के फैंसी मार्केट के समीप स्थित अपने प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से सविता ठाकुर वर्ष 2011 से लगातार महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही हैं।
पिछले लगभग 15 वर्षों के सफर में उन्होंने हजारों महिलाओं और युवतियों को सिलाई, कढ़ाई, बुटीक संचालन, खिलौना निर्माण और सौंदर्य प्रशिक्षण (Beauty Training) जैसे रोजगारपरक हुनर सिखाए हैं।
उनके इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं आज किसी पर निर्भर रहने के बजाय खुद का स्वरोजगार चला रही हैं। निदेशक सविता ठाकुर ने बताया कि उनके संस्थान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल साक्षर करना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।
वर्तमान में जिले की करीब 1200 महिलाएं यहां से प्रशिक्षण पाकर घर बैठे या अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुका है सम्मान; ब्राजील के मॉडलों ने पहनी थी सुजनी आर्ट की पोशाक
सविता ठाकुर की कला और मेहनत का दायरा केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय पटल पर भी अपनी एक खास पहचान बनाई है।
'इंडिया स्टाइल फैशन वीक' के दौरान उन्होंने बिहार की पारंपरिक लोककला सुजनी आर्ट (Sujani Art) को अपने परिधानों के जरिए रैंप पर प्रदर्शित किया था।
उनके द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई इन पोशाकों को ब्राजील के मशहूर मेल और फीमेल मॉडलों ने धारण कर जब रैंप पर कैटवॉक किया, तो ज्यूरी मंडल ने उनकी मुक्तकंठ से सराहना की।
इस अनूठी उपलब्धि के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर के फैशन शो में सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पूर्णिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार की मंत्री लेसी सिंह द्वारा भी उन्हें उनके उत्कृष्ट सामाजिक और कलात्मक योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
