चचरी पुल-नाव के सहारे जिंदगी, 64 करोड़ का पुल अब तक अधूरा, अररिया के तीरा घाट पर कब शुरू होगा निर्माण
अररिया के सिकटी प्रखंड में तीरा घाट पर 64 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल का शिलान्यास हुए एक ...और पढ़ें

अररिया में बकरा नदी के तीरा घाट पर नाव व चचरी पुल के सहारे नदी पार करते लोग।
HighLights
तीरा घाट पुल का शिलान्यास एक साल पहले हुआ था।
64 करोड़ की लागत से 536 मीटर लंबा पुल बनना है।
तकनीकी जांच के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है।
संवाद सूत्र, सिकटी (अररिया)। अररिया जिले के सिकटी प्रखंड को कुर्साकांटा से जोड़ने वाली ऐतिहासिक सड़क पर बकरा नदी के तीरा घाट पर प्रस्तावित पुल के निर्माण का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है।
64 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले 536 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण पुल का शिलान्यास हुए पूरा एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।
इससे पूर्व पड़रिया घाट पर बना पुल उद्घाटन से पहले ही ध्वस्त हो चुका है, ऐसे में इलाके के हजारों लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं।
वर्तमान में दोनों घाटों पर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर चचरी पुल और नदी का जलस्तर बढ़ने पर नाव के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं, जिससे स्कूली छात्र-छात्राओं, मरीजों, सब्जी विक्रेताओं और दैनिक कामगारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शिलान्यास के बाद तकनीकी जांच के फेर में अटका काम
उल्लेखनीय है कि तीरा घाट पर पुल निर्माण के लिए गत वर्ष अक्टूबर में सांसद प्रदीप कुमार सिंह और पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री सह सिकटी विधायक विजय कुमार मंडल ने संयुक्त रूप से भव्य शिलान्यास किया था। हालांकि, पुल की लंबाई अधिक होने के कारण इसके निर्माण की शुरुआत में तकनीकी पेंच फंस गया है।
ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के अधिकारियों के अनुसार, पुल निर्माण को लेकर विभाग और जल निस्सरण विभाग की संयुक्त टीम ने हाल ही में स्थल की गहन जांच की है।
इस जांच रिपोर्ट के आने और विभागीय एप्रुवल मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव हो सकेगी। शिलान्यास के महीनों बाद भी काम शुरू न होने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
पड़रिया हादसे के बाद बढ़ा तीरा घाट का महत्व
ग्रामीणों ने दर्द बयां करते हुए बताया कि पड़रिया घाट पर 33 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल 18 जून 2024 को उद्घाटन से ठीक पहले ध्वस्त हो गया था। उस हादसे के बाद से ही बकरा नदी पार करने के लिए ग्रामीण पूरी तरह से नाव और चचरी के सहारे टिके हैं।
अक्टूबर 2025 में तीरा घाट पर नए पुल की स्वीकृति और शिलान्यास के बाद लोगों को आवागमन की समस्या से स्थायी राहत मिलने की आस जगी थी। यदि यह पुल बन जाता है तो सिकटी और कुर्साकांटा प्रखंडों के बीच की दूरी काफी घट जाएगी और दर्जनों गांवों का संपर्क सुगम हो जाएगा।
ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने उठाई शीघ्र निर्माण की मांग
स्थानीय मुखिया प्रदीप कुमार झा उर्फ बबन झा, पंचायत समिति सदस्य सुमन कुमार झा, मंटू यादव, विवेक कुमार, दिलीप कुमार, विक्टर सिंह, विजय कुमार, श्रीकुमार पासवान और अरविंद मंडल सहित अनेक ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व राज्य सरकार से अविलंब पुल का निर्माण कार्य शुरू कराने की पुरजोर मांग की है, ताकि क्षेत्र की बड़ी आबादी को सुरक्षित यातायात सुविधा मिल सके।
परियोजना एवं स्थल संबंधी विवरण
| विवरण | परियोजना एवं स्थिति |
| प्रस्तावित स्थल | बकरा नदी, तीरा घाट (सिकटी - कुर्साकांटा मार्ग, अररिया) |
| अनुमानित लागत व लंबाई | 64 करोड़ (लंबाई: 536 मीटर) |
| शिलान्यासकर्ता | सांसद प्रदीप कुमार सिंह एवं सिकटी विधायक विजय कुमार मंडल |
| पूर्व दुर्घटना संदर्भ | पड़रिया घाट पुल (33 करोड़ लागत) 18 जून 2024 को हुआ था ध्वस्त |
| वर्तमान स्थिति | जल निस्सरण व RWD विभाग की तकनीकी जांच एवं एप्रुवल लंबित |
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"तीरा घाट पर बनने वाला पुल काफी लंबा है, जिसके कारण निर्माण शुरू कराने के लिए कुछ आवश्यक तकनीकी जांच हेतु उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। विभाग और जल निस्सरण विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे का काम शुरू कराया जाएगा।"
