अररिया की रोशनी ने बदली अपनी तकदीर, घर में ब्यूटी पार्लर खोलकर दूसरी महिलाओं को भी बना रहीं आत्मनिर्भर
अररिया की रोशनी कुमारी ने अपने घर में 'मां गायत्री लेडिज ब्यूटी पार्लर' खोलकर खुद को आत्मनिर्भर बनाया है और ...और पढ़ें

अररिया के कुर्साकांटा में ब्यूटी पार्लर के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनातीं रोशनी कुमारी
HighLights
रोशनी कुमारी ने घर में 'मां गायत्री लेडिज ब्यूटी पार्लर' खोला।
ग्रामीण महिलाओं को सौंदर्य कला का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया।
प्रशिक्षित महिलाएं घर से काम कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
दीपक कुमार गुप्ता, सिकटी (अररिया)। महिलाओं ने हमेशा अपनी बहादुरी, त्याग, निष्ठा और समर्पण से सभी को प्रेरित किया है। आज ग्रामीण अंचल में रोशनी कुमारी अपने सुदृढ़ व्यक्तित्व और सकारात्मक कृतित्व से आधी आबादी के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं।
अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड के कुआड़ी बाजार स्थित वार्ड संख्या 12 में रहने वाली रोशनी कुमारी ने अपने हुनर, लगन और कड़ी मेहनत से आत्मनिर्भरता की ऐसी अनूठी कहानी लिखी है, जो दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
रोशनी ने अपने घर में ही 'मां गायत्री लेडिज ब्यूटी पार्लर' की शुरुआत की है। यहां वह खुद तो स्वरोजगार से जुड़ी ही हैं, साथ ही क्षेत्र की अन्य महिलाओं व युवतियों को भी सौंदर्य कला का प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में जुटी हैं। उनके इस केंद्र से प्रशिक्षण लेकर कई महिलाएं अब घर से ही अपना काम शुरू कर चुकी हैं।
मेकअप से लेकर हेयर स्टाइलिंग तक के गुर; महिलाओं को मिल रहा स्वरोजगार का संबल
रोशनी के इस ब्यूटी पार्लर में महिलाओं और युवतियों को सौंदर्य सेवाओं से जुड़ी तमाम बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को हुनरमंद बनाना है, ताकि वे किसी पर निर्भर रहने के बजाय अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं रोजगार के नए अवसर तलाश रही हैं। पार्लर में आने वाली महिलाओं को मेकअप, हेयर स्टाइलिंग, स्किन केयर, थ्रेडिंग, ग्रूमिंग, फेशियल, ब्लीच, मेनिक्योर, वैक्सिंग, हेयर कटिंग, आकर्षक मेहंदी और मसाज जैसी आधुनिक सेवाएं और उनका प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रोशनी बताती हैं कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं ने घर से ही काम करना शुरू कर दिया है। आज वे मेहंदी लगाने और ब्राइडल मेकअप जैसी सेवाएं देकर अपनी सुविधानुसार अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं।
क्षमता की पहचान और परिवार का पूरा सहयोग; महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
अपनी इस प्रेरणादायक यात्रा के बारे में बात करते हुए रोशनी बताती हैं कि शादी से पहले वह बच्चों को पढ़ाया करती थीं, लेकिन विवाह के बाद उनका अधिकांश समय घरेलू कामकाज की जिम्मेदारियों में ही बीतने लगा था।
हालांकि, हार न मानते हुए उन्होंने ब्यूटी पार्लर का पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे उन्हें अपनी छिपी हुई क्षमता को पहचानने और खुद के पैरों पर खड़े होने का अटूटौ हौसला मिला।
आज वह रोजगार के अवसरों को लेकर पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास महसूस करती हैं। इस पूरे सफर में उनके परिवार के सभी सदस्यों का उन्हें भरपूर और निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है।
रोशनी की इस सार्थक पहल से आसपास की महिलाओं को भी अपने घर के पास ही हुनर सीखने और स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।
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