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स्ट्रॉबेरी-ड्रैगन फ्रूट की खेती से बढ़ेगी कमाई, अररिया में किसानों को मिला खेती का नया मंत्र

Published: Sat, 17 Oct 2026 07:52 AM (IST)

अररिया में वासंतिक महाअभियान सह महिला किसान दिवस पर जिलाधिकारी ने किसानों स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट जैसी आधुनिक फसलों के साथ पशुपालन और मूल्य संवर्धन से आय बढ़ाने का मंत्र दिया।

महिला किसान दिवस का उद्घाटन करते डीएम विनोद।

महिला किसान दिवस का उद्घाटन करते डीएम विनोद।

HighLights

  1. किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने पर जोर दिया गया।

  2. स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा।

  3. जलवायु अनुकूल और प्राकृतिक खेती के लाभ बताए गए।

जासं, अररिया। आत्मा, अररिया के तत्वावधान में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) अररिया के परिसर में वासंतिक (रबी) महाअभियान सह महिला किसान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने की।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी एवं अन्य उपस्थित प्रशासनिक व कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

फसल विविधीकरण और जलवायु अनुकूल खेती पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने जिले के किसानों को पारंपरिक फसलों की खेती के दायरे से बाहर निकलकर कृषि की विविध विधाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि किसानों को केवल गेहूं और मक्का तक सीमित न रहकर दलहनी फसलों—विशेषकर राजमा एवं मसूर, तथा तेलहनी फसल सरसों की खेती को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल विविधीकरण से न केवल किसानों की आमदनी में इजाफा होगा, बल्कि कृषि व्यवसाय अधिक लाभकारी साबित होगा। जिलाधिकारी ने बदलते पर्यावरण के बीच जलवायु अनुकूल खेती को आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

उन्होंने किसानों को स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट और शिमला मिर्च जैसी आधुनिक उद्यानिक (हॉर्टिकल्चर) फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने और कृषि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने पर बल दिया।

पशुपालन, मत्स्य पालन और मूल्य संवर्धन की अपील

डीएम ने किसानों से आह्वान किया कि वे केवल फसल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि अतिरिक्त आय के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन से भी जुड़ें।

उन्होंने पशुओं का बीमा कराने, अपने कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन (Value Addition) तथा बेहतर विपणन (Marketing) की दिशा में आगे आने की बात कही।

वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने दी तकनीकी जानकारियां

इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि विभाग द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने रबी फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए उन्नत उत्पादन तकनीक, कीट एवं व्याधि प्रबंधन (Pest Management) तथा वैज्ञानिक कृषि विधियों के बारे में किसानों को बारीकी से समझाया।

कार्यक्रम में उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), उप परियोजना निदेशक (आत्मा), सभी सहायक निदेशक, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, तकनीकी प्रबंधक (BTM/ATM) और किसान सलाहकार सहित बड़ी संख्या में संबंधित विभागीय पदाधिकारी, कर्मी एवं महिला किसान उपस्थित रहे।

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"जलवायु अनुकूल खेती आज समय की मांग है। किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ दलहन, तिलहन और स्ट्रॉबेरी व ड्रैगन फ्रूट जैसी आधुनिक फसलों की खेती अपनानी चाहिए। पशुपालन और मूल्य संवर्धन से किसानों की आय दोगुनी होगी।"

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— विनोद दूहन, जिला पदाधिकारी, अररिया